Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर छात्र-युवा प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और सादी वर्दी में हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है. सांसद ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.


सांसद ने अपने पत्र में 20 और 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र-युवा प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी ऐसे नजर आए, जिन्होंने नाम-पट्टिका नहीं लगा रखी थी. इसके अलावा, सादे कपड़ों में हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती पर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं.


सुधाकर सिंह ने कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट होना जरूरी है. पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट नहीं होने की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना या कथित गलत कार्रवाई के बाद जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है.


सांसद ने सादे कपड़ों में हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति का फायदा असामाजिक तत्व उठा सकते हैं और इससे कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.


लाठीचार्ज की जांच की मांग

पत्र में सांसद ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग से बचने और घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की.


सांसद ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से वास्तविक स्थिति सामने आएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि लोगों के बीच पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता बनी रहे.


सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में यह भी कहा कि 20 और 21 जुलाई को हुए घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.