Bihar tender scam: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच लगातार जारी है। मामले में आरोपी ठेकेदार रिशुश्री से रिमांड के दौरान कई घंटों तक पूछताछ की गई, लेकिन जांच टीम को कई महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रिशुश्री का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा और उसने कई सवालों पर जवाब देने से इनकार कर दिया।
एसवीयू ने न्यायालय से मिली रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से लगातार पूछताछ की। इस दौरान सरकारी ठेके हासिल करने की प्रक्रिया, अधिकारियों से संपर्क, प्रभावशाली लोगों से संबंध और कथित तौर पर किए गए खर्चों को लेकर कई सवाल पूछे गए। जांच अधिकारियों ने पूछताछ की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई।
सरकारी काम में लेनदेन का दिया तर्क
पूछताछ के दौरान रिशुश्री ने कथित तौर पर कहा कि सरकारी कामकाज में बिना लेनदेन के काम नहीं होता। उसने खर्च को जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। हालांकि, एसवीयू के अधिकारियों का कहना है कि इस बयान से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर हासिल करने के लिए किन लोगों की मदद ली गई और क्या किसी अधिकारी या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति से कोई विशेष संबंध थे।
अधिकारियों से संबंधों पर नहीं खोला राज
एसवीयू ने रिशुश्री से कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उसके संपर्क और संबंधों को लेकर भी सवाल किए। लेकिन पूछताछ के दौरान उसने अधिकतर मामलों में जानकारी साझा करने से परहेज किया।
जांच एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि सरकारी विभागों में ठेके हासिल करने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाई जाती थी और क्या किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई।
छापेमारी में मिले दस्तावेजों की जांच
एसवीयू की जांच के दौरान कुछ अधिकारियों और आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की गई। इस कार्रवाई में कुछ दस्तावेज और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है। जांच टीम इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है ताकि मामले में वित्तीय लेनदेन और संभावित कड़ियों को जोड़ा जा सके।
सहयोगियों से भी हो सकती है पूछताछ
टेंडर घोटाला मामले में जेल में बंद रिशुश्री के सहयोगियों और अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर उन्हें भी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
एसवीयू का फोकस इस बात पर है कि टेंडर प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और खुलासे होने की संभावना है