Bihar Special Trains News: बिहार, दिल्ली और झारखंड के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. यात्रियों की बढ़ती भीड़ और सावन मेले को देखते हुए रेलवे ने 10 जोड़ी ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ा दी है. अब इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन अगस्त और सितंबर 2026 तक जारी रहेगा. इससे बिहार और झारखंड से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेनों का विकल्प मिलेगा और टिकट को लेकर भी राहत मिलने की उम्मीद है.
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बरौनी-नई दिल्ली, दरभंगा-नई दिल्ली, पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार टर्मिनल, सहरसा-आनंद विहार टर्मिनल और धनबाद-शकूर बस्ती के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन को आगे बढ़ाया गया है. इन ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे लगाए जाने से उत्तर बिहार और झारखंड के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलेगी.
बरौनी और दरभंगा से दिल्ली जाने वालों को राहत
विस्तारित परिचालन के तहत ट्रेन संख्या 02563/02564 बरौनी-नई दिल्ली दैनिक स्पेशल का परिचालन 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाया गया है. वहीं ट्रेन संख्या 02569/02570 दरभंगा-नई दिल्ली दैनिक स्पेशल 1 सितंबर 2026 तक चलती रहेगी.
इसके अलावा पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार टर्मिनल और सहरसा-आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के भी अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे. धनबाद-शकूर बस्ती स्पेशल ट्रेन का परिचालन भी बढ़ाई गई अवधि में जारी रहेगा.
सावन मेले को देखते हुए बढ़ाई गई सेवा
रेलवे ने यह फैसला यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ और सावन मेले के दौरान बढ़ने वाली आवाजाही को ध्यान में रखते हुए लिया है. सावन के दौरान बिहार और झारखंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं. ऐसे में स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ने से नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी.
रूट और स्टॉपेज में नहीं होगा बदलाव
रेलवे प्रशासन के अनुसार, परिचालन अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद ट्रेनों के निर्धारित समय, रूट और स्टॉपेज में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इन ट्रेनों का संचालन पहले से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही किया जाएगा. कोच कंपोजिशन और अन्य परिचालन व्यवस्थाएं भी पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत रहेंगी.
स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए जाने से बिहार के अलग-अलग जिलों से दिल्ली और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. खासकर सावन और आने वाले त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है.