Bihar Job Fraud: बिहार के सीमांचल इलाके के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूलने वाले गिरोह का किशनगंज पुलिस और एसटीएफ ने खुलासा किया है. संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो आरोपितों को पटना से गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपित युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम लेते थे और बाद में उन्हें अवैध तरीके से विदेश भेजते थे.


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पूर्णिया जिले के रौटा निवासी 28 वर्षीय हाजी नाहिद गनी और अनगढ़ थाना क्षेत्र के कलठिया निवासी मोहम्मद तबरेज के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों को 16 अक्टूबर को पटना से गिरफ्तार किया. फिलहाल दोनों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और इसके अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.


दो कंपनियों के जरिए चल रहा था काम

किशनगंज एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर इस मामले में विशेष टीम का गठन किया गया था. एसटीएफ की मदद से टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को पटना में पकड़ा. किशनगंज एसडीपीओ वन खुसरू सिराज के अनुसार, आरोपित हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और तैबा टूर एंड ट्रेवल्स नाम की कंपनियां चलाते थे. इन्हीं के जरिए युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था.


पाकिस्तानी एजेंट भी था संपर्क में

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में मलेशिया में रह रहा एक पाकिस्तानी एजेंट भी शामिल था. आरोप है कि युवाओं को विदेश पहुंचाने के बाद उन्हें वहां बंधक बना लिया जाता था और उनसे जबरन मजदूरी कराई जाती थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने युवाओं को इसके जरिए विदेश भेजा गया है.


एक युवक से लिए गए थे 1.80 लाख रुपये

किशनगंज जिले के विशनपुर थाना में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान इस नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आई. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपितों ने 1 लाख 80 हजार रुपये लिए थे. इसके बाद युवक को पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड भेजा गया.


आरोप है कि बाद में युवक को डंकी रूट के जरिए मलेशिया पहुंचाया गया. वहां पहुंचने के बाद उसे वादे के मुताबिक रोजगार नहीं मिला. पुलिस अब इस मामले को केवल एक युवक तक सीमित मानकर नहीं चल रही है और विदेश भेजने के नाम पर ठगी के बड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है.


पुलिस के मुताबिक, आरोपित युवाओं को वैध प्रक्रिया के बजाय डंकी रूट के जरिए दूसरे देशों तक पहुंचाने का काम करते थे. डंकी रूट में एजेंट लोगों को कई देशों की सीमाओं को गैरकानूनी तरीके से पार कराकर एक देश से दूसरे देश पहुंचाते हैं. इसमें जंगल, नदी, रेगिस्तान और दूसरे जोखिम भरे रास्तों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती है.


पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने युवाओं से पैसे लिए और कितने लोगों को इसी तरीके से विदेश भेजा गया. मामले में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.