PATNA:बिहार के भोजपुर निवासी भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने जा रहा है। आंदोलन से जुड़े नेताओं और अधिवक्ताओं ने इस बात की घोषणा किया कि भरत तिवारी की शहादत के एक माह पूरे होने पर 17 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने बताया कि इस मौके पर देशभर में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान की प्रतियां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा और इस फर्जी एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय की मांग की जाएगी। इस बात की जानकारी आंदोलन से जुड़े नेताओं और अधिवक्ताओं ने पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
कार्रवाई नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलन से जुड़े अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने पटना में बताया कि भरत तिवारी मामले में अब तक ना तो न्यायालय से अपेक्षित राहत मिली है और ना ही सरकार की ओर से ऐसी ठोस कार्रवाई की गयी है, जिससे कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगे। उन्होंने साफ तौर पर यह कहा है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने बताया कि बिहार समेत कई राज्यों में व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान पूरा होने के बाद सभी हस्ताक्षरों की प्रतियां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को दिल्ली में सौंपी जाएगी। वही आम जनता की भावनाओं और आंदोलन की मांग से अवगत कराया जाएगा।
न्यायिक जांच पर भी उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा घोषित न्यायिक जांच पर भी सवाल उठाए गए। गौरतलब है कि घटना के बाद सरकार ने रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच के आदेश दिए थे और जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इस पर अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा कि केवल न्यायिक जांच के आदेश देना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि यदि मामला हत्या का है, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर मामले को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है।
18 समितियों के साथ आंदोलन को दिया गया नया स्वरूप
आंदोलन के संयोजक पंकज त्रिपाठी ने कहा कि सरकार को कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। इसी कारण आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को होने वाले धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव, शहर-शहर और विभिन्न राज्यों में लोगों से हस्ताक्षर अभियान से जुड़ने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरा आंदोलन संविधान और कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जाएगा।
आंदोलन के संयोजक पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आंदोलन को संगठित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए "वीर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा" का गठन किया गया है। मोर्चे के अंतर्गत कुल 18 समितियां बनाई गई हैं। फिलहाल न्याय से संबंधित समिति सक्रिय रहेगी, जिसमें 21 अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है। ये लोग मिलकर भरत तिवारी को न्याय दिलाएंगे और उनके अधूरे सपनों को पूरा करेंगे। फिलहाल देशभर में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान की प्रतियां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपकर मामले में न्याय की मांग करेंगे।