DESK: सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसे देखकर हर कोई हैरान है, लोगों का कहना है कि आज के दौर में भी लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, वो भी बीजेपी की सरकार में इस तरह की बातें सरकारी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी ने की है। नर्स ने कहा कि मुसहर हो...तुम्हारा डिलिवरी नहीं कराएंगे। 


जिसके बाद प्रसव से पीड़ित महिला का डिलिवरी पर्दा घेरकर रोड के किनारे कराया गया। इस घटना को मुसहर समाज की महिला के साथ कथित भेदभाव से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर कांग्रेस ने निशाना साधा है।   


कांग्रेस ने यूपी के भदोही की इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और बीजेपी पर हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट करते हुए कांग्रेस ने लिखा कि 'मुसहर हो... नहीं कराएंगे डिलिवरी'- ये बात उस प्रेग्नेंट महिला से कही गई, जो डिलिवरी के लिए यूपी के एक सरकारी अस्पताल पहुंची थी।


जब अस्पताल ने महिला को एडमिट करने से मना कर दिया, तो मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। ये घटना सबूत है कि BJP सरकार में दलितों-आदिवासियों के साथ कैसा अमानवीय सुलूक किया जाता है।


कांग्रेस ने आगे लिखा कि मानवता को शर्मसार करती ऐसी घटनाएं BJP सरकार की पहचान बन चुकी हैं, लेकिन मोदी-योगी को अपनी फर्जी डींगें हांकने से फुर्सत कहां है! शर्मनाक...


दरअसल यूपी की भदोही में प्रसव पीड़ा से तड़पती एक गर्भवती महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंची थी, आरोप यह है कि अस्पताल के कर्मियों ने महिला को एडमिट करने से इनकार कर दिया। कहा कि तुम मुसहर हो, तुम्हारा डिलिवरी नहीं कराएंगे। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क किनारे पर्दा घेरकर महिला का प्रसव कराया। 20 वर्षीया महिला ने सड़क किनारे एक बच्चे को जन्म दिया। 


परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की नर्स ने मुसहर जाति का हवाला देते हुए डिलीवरी कराने से मना कर दिया था। लेकिन जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा तब स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ ने आनन-फानन में जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की गई।


 फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल है कि जाति के नाम पर भेदभाव करने और इलाज करने से मना करने का अधिकार स्वास्थ्य कर्मियों को किसने दे दिया। मरीज बड़ी उम्मीद के साथ इलाज कराने अस्पताल में आते हैं, इस तरह का व्यवहार किया जाना कहां तक उचित है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना पर सवाल कर रहे हैं।