DESK: आज के दौर में जहां सास-बहू के रिश्तों को लेकर अक्सर विवाद और तनाव की खबरें सुर्खियों में रहती हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से एक ऐसी भावुक और खूबसूरत तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है।
हरियाणा की रहने वाली एक बहू ने अपनी 90 वर्षीय सास की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करने के लिए ऐसा काम किया, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। हरियाणा के हताना गांव की निवासी काजल चौधरी ने अपनी बुजुर्ग सास चन्द्री देवी को प्लास्टिक के एक बड़े टब में बैठाकर सिर पर उठाया और ब्रज की 84 कोसी परिक्रमा कराने निकल पड़ीं। सास-बहू के प्रेम, सेवा और समर्पण की यह अनोखी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
सास की अधूरी इच्छा को बनाया अपना संकल्प
बताया जाता है कि 90 वर्षीय चन्द्री देवी की लंबे समय से ब्रज की 84 कोस परिक्रमा करने की इच्छा थी। हालांकि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण उनके लिए लगभग 252 किलोमीटर लंबी इस धार्मिक यात्रा को पैदल पूरा करना संभव नहीं था। सास की इस इच्छा को पूरा करने के लिए बहू काजल ने अनोखा उपाय निकाला। उन्होंने एक मजबूत प्लास्टिक टब की व्यवस्था की, उसमें अपनी सास को बैठाया और उसे सिर पर रखकर परिक्रमा यात्रा शुरू कर दी।
252 किलोमीटर की कठिन यात्रा
ब्रज की 84 कोसी परिक्रमा पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के दौरान की जाती है। इस वर्ष यह यात्रा 16 मई को वट अमावस्या के अवसर पर शुरू हुई थी। काजल ने गांव बंचारी से अपनी यात्रा शुरू की और लगातार आगे बढ़ती रहीं। मंगलवार को सास-बहू मांट क्षेत्र के नसीटी गांव पहुंचीं, जहां उनकी कहानी सुनकर बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने उमड़ पड़े।
सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ
सास को सिर पर बैठाकर परिक्रमा कराने वाली बहू की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी खूब प्रशंसा कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे कलयुग में सेवा, त्याग और संस्कार की दुर्लभ मिसाल बताया है। जब रास्ते में लोगों ने काजल से उनकी इस पहल के बारे में पूछा तो उन्होंने विनम्रता से कहा कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं हो रही है। उनकी सबसे बड़ी खुशी यही है कि उनकी सास की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हो रही है।
चेहरे पर संतोष और सेवा का तेज
परिक्रमा के दौरान टब में बैठी चन्द्री देवी के चेहरे पर भक्ति और संतोष साफ झलक रहा था। वहीं सिर पर टब उठाए काजल के चेहरे पर सेवा भाव और दृढ़ संकल्प दिखाई दे रहा था। यह भावुक दृश्य देखने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। सास-बहू के रिश्ते की यह अनूठी मिसाल समाज को यह संदेश देती है कि प्रेम, सम्मान और समर्पण किसी भी रिश्ते को मजबूत बना सकते हैं।