UP:समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ रामपुर जेल पहुंची थी। टीम में करीब 50 CRPF जवान और 15 गाड़ियां शामिल थीं।
मिली जानकारी के अनुसार, आजम खां को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को रामपुर जेल से रिहा किया जाना था। उनकी रिहाई की सूचना मिलते ही ईडी की टीम जेल के बाहर पहुंच गई और उनके बाहर आने का इंतजार करने लगी। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे।
जेल से निकलते ही ED ने लिया कस्टडी में
शनिवार शाम जैसे ही आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर निकले, ईडी की टीम ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया। अधिकारियों ने अब्दुल्ला को वहां से जाने के लिए कहा और आजम खां को ईडी की गाड़ी में बैठने को कहा। हालांकि, आजम खां ने गाड़ी में बैठने से इनकार कर दिया। इसके बाद मौके पर अधिकारियों और आजम खां के बीच काफी देर तक बहस और धक्कामुक्की की स्थिति बनी रही।
जेल के बाहर मौजूद उनके समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला और समर्थकों को शांत कराया। काफी मशक्कत के बाद ईडी की टीम आजम खां को अपनी गाड़ी में बैठाकर गाजियाबाद के लिए रवाना हो गई।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED की कार्रवाई
दरअसल, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी आजम खां के खिलाफ जांच कर रही है। उनकी जमानत की खबर सामने आने के बाद ईडी ने अजीमनगर थाने में दर्ज भ्रष्टाचार से संबंधित एफआईआर के आधार पर उन्हें रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन दिया था। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है। अदालत ने आजम खां को दो नवंबर को पेश होने के लिए भी तलब किया था।
लेकिन इससे पहले ही शनिवार को ईडी की टीम रामपुर जेल पहुंच गई और रिहाई के तुरंत बाद उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया। बताया जा रहा है कि आजम खां को गाजियाबाद ले जाया गया है, जहां रविवार को अदालत में पेश किया जा सकता है।
15 गाड़ियों और 50 CRPF जवानों के साथ पहुंची थी टीम
आजम खां की रिहाई से पहले ही ईडी के करीब आठ अधिकारी 15 गाड़ियों और 50 CRPF जवानों के साथ जेल के बाहर पहुंच गए थे। इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण जेल परिसर के आसपास हलचल बढ़ गई। सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस और अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह भी मौके पर पहुंचे।
रामपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसौदिया ने बताया कि आजम खां के खिलाफ दर्ज कुछ मुकदमों की जांच ईडी कर रही थी। शनिवार शाम ईडी की टीम रामपुर पहुंची और जेल से रिहाई के बाद उन्हें अपने मामले में हिरासत में लेकर साथ ले गई।