DESK: बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद लगातार चर्चा में है। अब इस मामले में मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतर आए हैं।
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों एक ही परमात्मा के स्वरूप हैं। दोनों में कोई भेद नहीं है। अनिरुद्धाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को अपमान नहीं, बल्कि भक्तों के बीच होने वाला हास्य-विनोद बताया है।
बागेश्वर धाम के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो संदेश में अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम त्रेतायुग में और भगवान श्रीकृष्ण द्वापरयुग में अवतरित हुए थे। दोनों का तत्व एक ही है, लेकिन उनकी लीलाएं अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के भक्त भगवान राम को अपना आराध्य मानते हैं, जबकि वृंदावन के भक्त श्रीकृष्ण को अपना इष्ट मानते हैं। ऐसे में भक्तों के बीच अपने-अपने आराध्य की विशेषताओं को लेकर हंसी-मजाक और रसपूर्ण चर्चाएं होती रहती हैं। धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को भी इसी भाव से समझना चाहिए।
'कन्हैया टेढ़े हैं' कहने के पीछे सुनाई पौराणिक कथा
अपनी बात समझाने के लिए अनिरुद्धाचार्य ने एक पौराणिक प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार वृंदावन के एक कृष्ण भक्त से किसी ने कहा कि तुम्हारे कन्हैया तो तीन जगह से टेढ़े हैं, जबकि हमारे रामजी बिल्कुल सीधे हैं। यह सुनकर कृष्ण भक्त दुखी हो गया और भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जाने लगा।
गौरतलब है कि धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीराम कथा के दौरान भगवान राम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए 'कन्हैया टेढ़े हैं' वाली टिप्पणी की थी। इसके बाद उनके बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया था। अब अनिरुद्धाचार्य के समर्थन के बाद यह मामला एक बार फिर संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा में है।
कथा के दौरान भगवान कृष्ण को बताया तीन जगह से टेढ़ा
मध्य प्रदेश के करेरा में आयोजित कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना कर दी थी फिर बाद में उन्होंने माफी मागी थी। भगवान कृष्ण की मुद्रा और उनके बांसुरी बजाने के अंदाज का जिक्र करते हुए कहा कि वे तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं। उन्होंने हंसते हुए भगवान कृष्ण की मुद्रा की नकल भी की।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हमारे भगवान राम सीधे खड़े होते हैं और उनका नाम, चाल और धाम भी सीधा है। उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना करते हुए भी टिप्पणी की। इसके अलावा बांसुरी बजाने और धनुष चलाने को लेकर भी दोनों के संदर्भ में अपनी बात रखी।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- “तुम अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो, खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। जोर-जोर से हंसते हुए कहते- पांव के ऊपर पांव, कमर लचकाए, खपड़िया ऐसी करे..टेढ़ी खपड़िया करके बंशी बजाए रहे। हमाए वाले खड़े भी होते तो सीधे। हमाए वाले का नाम भी सीधा। हमारे वाले का चलना भी सीधा। दिखते भी सीधे।”
बंसी बजाने को बताया खेल…
बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने आगे कहा- “तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े होते। हमारे वाले का धाम भी सीधा- अयोध्या। तुम्हारे वाले का वृन्दावन। इसके बाद गाना गाते हुए कहा- बंसी का बजाना खेल भी है, धनुष का चलाना खेल नहीं। पास बैठे बंसी बजाने वाले से कहा कि- बंसी तो हमारे यहां जे भी बजाता है, बजा भाई बजा।
धीरेंद्र शास्त्री की इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई लोगों ने आपत्ति जताई है। इस बयान के बाद लोगों की नाराजगी सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। लोग धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं में शामिल नहीं होने की अपील कर रहे हैं। फिलहाल भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।