ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News : बिहार सिपाही भर्ती पेपर लीक कांड: पूर्व DGP सिंघल से जुड़ा कनेक्शन, EOU ने मांगा जवाब—जांच में चौंकाने वाले खुलासे! Bihar Mahila Rojgar Yojana : महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त का ऐलान! 2 लाख जीविका दीदियों के खाते में इस दिन आएंगे 20-20 हजार रुपये अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर

Home / india / एयरलाइन कंपनिया पैसा करेंगी वापस ! सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार और DGCA...

एयरलाइन कंपनिया पैसा करेंगी वापस ! सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार और DGCA को दी है नोटिस

28-Apr-2020 11:20 AM

DESK : एयरलाइन कंपनियों के पैसा रिफंड का मामला  सुप्रीम कोर्ट में जा चुका है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए को नोटिस जारी किया है।  एक एनजीओ की ओर से दायर याचिका में कैंसल किए गए एयर टिकटों का पैसा वापस करने का एयरलाइंस को निर्देश देने की मांग की गई है।


एयर टिकट लेने वाले यात्रियों को रिफंड की बजाए एयरलाइन कंपनिया अगले एक साल तक के लिए टिकट बुकिंग की सुविधा दे रही हैं। कहने का मतलब ये है कि आपका एयर टिकट जिस रूट का है या जिस कीमत में है, उसी रूट या कीमत में एक बार सफर कर सकते हैं। यानी एयरलाइन कंपनियां रिफंड के पैसे नहीं दे रही हैं।


प्रवासी लीगल सेल नाम के एनजीओ की याचिका में कहा गया है कि एयरलाइन कंपनियों ने कैंसल किए गए टिकटों के फुल रिफंड के एवज में एक साल की वैधता के क्रेडिट शेल देने की बात कही है। यह मई 2008 में डीजीसीए द्वारा जारी सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट का उल्लंघन है। याचिका के मुताबिक डीजीसीए ने साफ कहा है कि एयरलाइंस कंपनियों द्वारा क्रेडिट शेल में रिफंड अमाउंट डालने का विकल्प ग्राहक का विशेषाधिकार होगा। एयरलाइंस कंपनियां अपनी मर्जी से ऐसा नहीं कर सकती हैं।