कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसी सिलसिले में वह दिल्ली पहुंचे हैं, जहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है. उनकी प्रमुख मांग नीट, सीयूईटी, सीबीएसई और एसएससी जीडी जैसी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है.


अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर, जिसे पहले औरंगाबाद के नाम से जाना जाता था, के रहने वाले हैं. वह एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के रूप में पहचान रखते हैं. सोशल मीडिया और राजनीतिक अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें युवाओं के बीच एक अलग पहचान दिलाई है.


अगर उनकी पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो अभिजीत ने अपनी शुरुआती शिक्षा छत्रपति संभाजीनगर से पूरी की. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की, लेकिन इस क्षेत्र में उनकी रुचि नहीं होने के कारण उन्होंने इसे बीच में ही छोड़ दिया. बाद में उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया.


उच्च शिक्षा के लिए अभिजीत अमेरिका गए, जहां वह बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं. संचार और जनसंपर्क के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि रही है, जिसका असर उनके राजनीतिक और सामाजिक अभियानों में भी दिखाई देता है.


अभिजीत दिपके का नाम राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में भी जाना जाता है. वर्ष 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के डिजिटल प्रचार अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है. खासकर युवाओं को जोड़ने वाले डिजिटल कैंपेन में उन्होंने रणनीतिकार के तौर पर काम किया था.


इसके अलावा वह दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय में कम्युनिकेशन फेलो के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. दिल्ली के शिक्षा विभाग में उन्होंने कम्युनिकेशन एडवाइजर की जिम्मेदारी भी संभाली थी. इस दौरान उन्होंने शिक्षा और जनसंपर्क से जुड़े कई अभियानों पर काम किया.


हाल के दिनों में अभिजीत दिपके ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक मंच की शुरुआत की है. उन्होंने इस प्लेटफॉर्म को बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने के उद्देश्य से शुरू किया. देखते ही देखते यह मंच सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलने लगा.


अभिजीत दिपके का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए. उनका मानना है कि यदि छात्र और युवा एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं तो व्यवस्था में सुधार संभव है. इसी उद्देश्य से वह विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं.


यही वजह है कि आज अभिजीत दिपके और उनकी कॉकरोच जनता पार्टी राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं. उनकी पहल को जहां कई युवा समर्थन दे रहे हैं, वहीं इसे लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है.