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28-Feb-2026 12:18 PM
By FIRST BIHAR
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवां वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। उम्मीद है कि आयोग की सिफारिशें अगले 18 से 20 महीनों में लागू हो सकती हैं। इससे पहले विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से आयोग के समक्ष मांगपत्र सौंपने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़ी एक अहम मांग सामने आई है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रमुख आधार मानी जाने वाली इस योजना में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
वर्तमान में CGHS के दायरे से बाहर के शहरों में तैनात कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के बदले 1,000 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता है। हालांकि, नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), NC-JCM की 25 फरवरी 2026 को हुई बैठक में इस राशि को बढ़ाने की मांग उठाई गई। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा है।
CGHS के तहत सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को पैनल में शामिल अस्पतालों में कैशलेस इलाज, ओपीडी परामर्श, दवाइयां और डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। पिछले कुछ वर्षों में निजी अस्पतालों के पैकेज रेट, महंगी दवाइयों और सुपर-स्पेशलिटी उपचार की लागत में तेजी से वृद्धि हुई है। ऐसे में यदि आठवां वेतन आयोग महंगाई और वास्तविक खर्च को ध्यान में रखते हुए नई वेतन संरचना तय करता है, तो स्वास्थ्य कवर की सीमा और कर्मचारियों के अंशदान में बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है।
फिलहाल CGHS में अंशदान वेतन स्तर के अनुसार निर्धारित होता है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि पैनल अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाए और पैकेज दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाए। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे का विस्तार, CGHS कार्ड प्रक्रिया को सरल बनाना, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और ई-रिफरल सिस्टम को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना भी जरूरी बताया गया है। संभावना है कि नई वेतन आयोग की सिफारिशों में प्रशासनिक सुधार और तकनीकी उन्नयन का रोडमैप भी शामिल किया जाए। इसके अलावा बुजुर्ग पेंशनरों के लिए क्रॉनिक बीमारियों के उपचार, होम-केयर और टेलीमेडिसिन सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष मॉडल तैयार किया जा सकता है।
बता दें कि सरकार ने पिछले वर्ष आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी और नवंबर में इसकी समिति गठित की गई। फरवरी 2026 में आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है। आयोग ने हितधारकों से वेबसाइट पर प्रकाशित 18 सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया है।