Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शुक्रवार (24 अक्टूबर) से अपने तूफानी प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी की शुक्रवार को पहले दिन पांच चुनावी रैलियां होंगी। वे अपने प्रचार अभियान की शुरुआत सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र से करेंगे। इसके बाद दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और वैशाली जिलों में उनकी चुनावी सभाएं तय की गई हैं।


पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव आने वाले दिनों में एक दिन में 15 से ज्यादा चुनावी सभाएं करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी उन्होंने करीब 250 से अधिक जनसभाएं की थीं, और अब विधानसभा चुनाव में वे उसी ऊर्जा और रणनीति के साथ मैदान में उतरने जा रहे हैं।


पहले दिन पांच जिलों में रैलियां

शुक्रवार को तेजस्वी यादव हेलिकॉप्टर से प्रचार यात्रा की शुरुआत करेंगे। उनकी पहली रैली सिमरी बख्तियारपुर के सलखुआ प्रखंड में होगी। इसके बाद वे दरभंगा जिले के केवटी विधानसभा क्षेत्र में रैयाम चीनी मिल मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। तीसरी सभा मुजफ्फरपुर जिले की पारू विधानसभा के आनंदपुर गंगोलिया में होगी।


इसके बाद तेजस्वी यादव समस्तीपुर जिले के उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के महंत नारायण दास उच्च विद्यालय, रायपुर में चौथी सभा को संबोधित करेंगे। दिन की आखिरी सभा वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में होगी जो उनका खुद का चुनाव क्षेत्र भी है। यहां वे बिदुपुर प्रखंड के बिदुपुर बाजार, चकौसन और चकसिकंदर में कई चुनावी कार्यालयों का उद्घाटन करेंगे और स्थानीय जनता से संवाद करेंगे। इसके बाद वे पटना लौटेंगे।


तेजस्वी यादव इन चारों जिलों में आरजेडी और महागठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगेंगे। पार्टी के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि इन सभाओं में तेजस्वी के साथ वीआईपी पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी भी मौजूद रहेंगे और संयुक्त रूप से जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इससे महागठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की जाएगी।


आरजेडी के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव रोजाना कम से कम 15 जनसभाएं करेंगे। कई दिनों में यह संख्या 18 तक भी पहुंच सकती है। तेजस्वी यादव को न केवल अपनी पार्टी में बल्कि महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के बीच भी सबसे लोकप्रिय चेहरा माना जाता है। यही कारण है कि लगभग हर प्रत्याशी अपने क्षेत्र में तेजस्वी की कम से कम एक सभा कराने की मांग कर रहा है।


पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में भी तेजस्वी यादव ने अपनी 263 चुनावी सभाओं के जरिए विपक्षी कैंप में नई ऊर्जा भर दी थी। कई मौकों पर उन्होंने एक दिन में 16 से 18 सभाएं की थीं। अब जब वे मुख्यमंत्री पद के आधिकारिक उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं, तो उनकी लोकप्रियता और जिम्मेदारी दोनों और बढ़ गई हैं।


पार्टी के “वॉर रूम” में लगातार महागठबंधन के उम्मीदवारों की मीटिंग्स हो रही हैं। हर उम्मीदवार अपनी रैली में तेजस्वी की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। बताया जा रहा है कि छठ महापर्व के बाद तेजस्वी का प्रचार अभियान और भी तेज होगा।


महागठबंधन इस बार पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतर रहा है। आरजेडी, कांग्रेस, वामदलों और वीआईपी जैसी पार्टियों के समन्वय के साथ तेजस्वी यादव का प्रचार अभियान इस चुनाव में एकता और परिवर्तन का संदेश देने वाला होगा। तेजस्वी के करीबी नेताओं का कहना है कि उनका अभियान इस बार केवल रैलियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं, किसानों और रोजगार जैसे मुद्दों पर आधारित एक सीधा संवाद अभियान भी चलाया जाएगा।


तेजस्वी यादव का फोकस इस बार भी “न्याय, रोजगार और विकास” पर रहेगा। उनकी टीम का दावा है कि इस बार तेजस्वी का अभियान बिहार के हर कोने तक पहुंचेगा और युवा वोटरों को जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। पहले ही दिन पांच जिलों में रैलियों से शुरू होने वाला यह अभियान, आगे चलकर तेजस्वी की मुख्यमंत्री की दावेदारी को और मजबूत करने वाला साबित हो सकता है।