ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar crime news : 7 वर्षीय ऋषिकेश हत्याकांड का खुलासा, मां से एकतरफा प्यार में पागल पड़ोसी ने की निर्मम हत्या Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट

Bihar Politics: बिहार में मोदी-नीतीश का मैजिक बरकरार ! विधानसभा चुनाव में बढ़ सकती है तेजस्वी की मुश्किलें; सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा

Bihar Politics: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की पकड़ मजबूत बनी हुई है। एक सर्वे के अनुमान के मुताबिक, NDA राज्य की

13-Feb-2025 08:29 AM

By First Bihar

Bihar Politics : दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपनी हालिया जीत से उत्साहित, भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में 243 विधानसभा सीटों में से 225 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, जहां इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं। इस साल नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी के साथ गठबंधन करके सत्ता के लिए नए सिरे से प्रयास करेंगे। उनका मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव से है, जो राज्य में सत्ता में लौटने के लिए दो दशकों की सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसे में अब एक सर्वे ने तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ा दी है तो वहीं एनडीए में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। 


दरअसल, एक बड़े चैनल के सर्वे के अनुमान के मुताबिक बिहार में मतदान का गणित बेहद स्पष्ट है। अगर NDA एकजुट रहता है, तो उसे हराना मुश्किल होगा। बिहार में मतदान का पैटर्न पूरी तरह से अंकगणित पर आधारित होता है। दिल्ली जैसे राज्यों की तरह यहां 'स्प्लिट वोटिंग' नहीं होती। अगर भाजपा, नीतीश कुमार की जदयू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) साथ बनी रहती हैं, तो महागठबंधन के लिए राह बेहद मुश्किल होगी।


इस विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में NDA कोवोटों का फायदा होता दिख रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में इसे 47% वोट शेयर मिला था, जो अब बढ़कर 52% हो सकता है। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन को भी मामूली बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन यह 39% से बढ़कर सिर्फ 42% तक ही पहुंच पा रहा है।


वहीं, दिल्ली चुनाव के नतीज़ों ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टियों की स्थिति को लेकर कयास तेज़ कर दिए है। जानकारों की मानें तो दोनों ही गठबंधनों यानी एनडीए और महागठबंधन की पार्टियों में सीट शेयरिंग को लेकर नए समीकरण बनेंगे। दिल्ली फतह के बाद एनडीए में बीजेपी की बारगेनिंग पावर बढ़ेगी तो महागठबंधन में कांग्रेस और भाकपा (माले) मजबूती से बॉरगेन करेंगे। हालांकि सूत्रों की मानें तो इस विधानसभा चुनाव में जेडीयू 100, बीजेपी 100 पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा बाकी बचे सीटों को एनडीए के अंदर शामिल दलों में बांटा जा सकता है। 


इधर, आरजेडी के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि राज्य में एंटी इंकंबेंसी जबरदस्त है पर मुश्किल यह है कि क्या आरजेडी नेता तेजस्वी यादव उसे भुना सकेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ऐतिहासिक पांचवें कार्यकाल के लिए मैदान में उतरने के लिए रणभेरी बजा चुके हैं।  अब देखना है कि तेजस्वी यादव दो दशकों की सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने के लिए क्या करते हैं? क्योंकि बीजेपी अपने सहयोगी जेडीयू के साथ गठबंधन में है और महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में कठिन चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद एनडीए का हौसला बुलंद है। 


नीतीश कुमार के बारे में बार-बार उनके स्वास्थ्य को लेकर अटकलें लगाई जाती रहती हैं पर जिस तरह से उन्होंने पिछले 2 महीनों से यात्राएं शुरू की हैं वो आश्चर्यजनक है। 23 दिसंबर 2023 को उन्होंने प्रगति यात्रा की शुरुआत की थी, जिसके तहत वे पूरे राज्य का दौरा कर रहे हैं. इसके अलावा, वे विशेष समूहों को साधने के लिए ‘नारी शक्ति रथ यात्रा’ और ‘कर्पूरी रथ यात्रा’ जैसे अलग-अलग अभियान भी चला रहे हैं।  जेडीयू ‘अंबेडकर रथ यात्रा’ भी निकाल रही है, जो सभी जिलों को कवर कर दलितों से संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही है। इसी तरह, मुसलमानों को लुभाने के लिए ‘अल्पसंख्यक रथ’ भी चलाया जा रहा है। 


पिछले साल के केंद्रीय बजट में केंद्र सरकार ने बिहार के लिए करीब 70,000 करोड़ रुपये के विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली और बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं के लिए आवंटित किए थे। इस बार के बजट में बिहार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘मखाना बोर्ड’ और बाढ़ नियंत्रण के लिए ‘कोसी नहर परियोजना’ और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट आदि की घोषणा को वो अपनी उपलब्धि बता सकते हैं।