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15-Oct-2025 06:54 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए बदनाम चेहरों दांव लगा रहा है. समाज में जिनकी छवि ठीक नहीं, उन्हें उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा जा रहा है. उम्मीदवारी की घोषणा मात्र से ही लोगों में खौफ की स्थिति है. लोजपा(रामविलास) ने ओबरा विधानसभा सीट से प्रकाश चंद्रा को उम्मीदवार बनाया है. प्रकाश चंद्रा पर बाहरी की बात छोड़ दीजिए, इलाके के अफसर-शिक्षक-व्यापारी को प्रताड़ित करने से लेकर मारपीट करने, अपहरण करने समेत कई अन्य आरोप हैं. आज जैसे ही यह खबर सामने आई कि प्रकाश चंद्रा एनडीए में लोजपा(रामविलास) के प्रत्याशी बने हैं. लोग बेचैन हो उठे हैं. बेचैनी स्वाभाविक है, जब कोई जनप्रतिनिधि नहीं, तब इतना आतंक, अगर चुनाव जीत गए तब क्या होगा ? ओबरा की जनता इसी सोच से चिंतित है.
लोजपा (रामविलास) ने आज उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है. लिस्ट में ओबरा से प्रकाश चंद्रा को उम्मीदवार बनाया गया है. इन पर CO को उठवाने...शिक्षक को पिटवाने..ASDO को धमकाने..दुकानदार को खिंचवाने समेत अन्य गंभीर आरोप हैं. अब ये एनडीए के प्रत्याशी बनकर मैदान में उतर गए हैं. ओबरा की भोली भाली जनता प्रकाश चंद्रा जैसे प्रत्याशी के पक्ष में वोट करेगी. यानि ऐसा उम्मीदवार थोप दिया गया, जिस पर संगीन आरोप हैं. जो लोगों की पिटाई करता हो, धमकाता हो,गाली-गलौच करता हो,अधिकारियों को दफ्तर से उठवाता हो, वैसा नेता अब प्रत्याशी बनकर मैदान में हैं.
ओबरा विधानसभा सीट से लोजपा(रामविलास) से प्रत्याशी बने प्रकाश चंद्रा के खिलाफ आमलोगों से लेकर अधिकारियों ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया. जिसकी प्रताड़ना से आम और खास सब परेशान हैं. वो नेता एनडीए के घटक(लोजपा रामविलास) से प्रत्याशी बने हैं.सवाल यही है कि जब इस तरह के नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया हो, तब राजद-वामदल और एनडीए में अंतर क्या रह जायेगा ?
लोजपा(रामविलास) के नेता व अब ओबरा से उम्मीदवार बने प्रकाश चंद्रा पर दूसरे थानों की बात छोड़िए सिर्फ औरंगाबाद के दाउदनगर थाने में गंभीर धाराओं में तीन केस दर्ज हैं. 17 जून 2022 को दाउदनगर के अंचल अधिकारी ने इस नेता के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस सं- 331/22 दर्ज कराया था. एक एएसडीओ ने लोजपा के इस नेता के खिलाफ दाउदनगर थाने में 109/2020 दर्ज कराया था. इस केस में भी गंभीर धाराएं लगाई गईं. वहीं एक ढाबा संचालक ने लोजपा नेता के खिलाफ दाउदनगर थाने में ही 505/22 दर्ज कराया था. वहीं इसी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी शिक्षक की जमकर पिटाई कराई गई थी. उस मामले में भई नेता जी व उनके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था.
जब अंचल अधिकारी को ऑफिस से उठाने की कोशिश की
बात जून 2022 की है. जब लोजपा(रामविलास) के एक नेता व उसके हथियारबंद गुंडों ने दाउदनगर अंचलाधिकारी को जबरन उठाने का प्रयास किया था। दाउदनगर के अंचल अधिकारी विजय कुमार ने थाने में दिए आवेदन में बताया था कि 15 जून को वे अपने कार्यालय में बैठकर काम कर रहे थे. इसी बीच मेरे निजी मोबाइल पर लोजपा नेता ($$$$$####) का फोन आया. हम फोन नहीं उठा पाये, क्योंकि मैं ऑफिशियल नंबर पर किसी दूसरे व्यक्ति से बात कर रहा था. इसी बीच अंचल अमीन के मोबाइल से मेरे सरकारी नंबर पर फोन आया. मुझे बताया गया कि लोजपा (रानविलास) के नेता बात करना चाहते हैं. जब मैंने बात करनी शुरू की तो उक्त नेता गाली गलौज करने लगा. साथ ही मुझे अपने ऑफिस में बुलाया.
दाउदनगर थाने में केस दर्ज कराया था
दाउदनगर सीओ ने आवेदन में आगे लिखा था...फोन करने के 5 मिनट के अंदर ही लोजपा नेता के हथियारबंद गुंडे मेरे दफ्तर पहुंच गए. वे लोग मेरे साथ बदतमीजी करने लगे. इतना ही नहीं वे लोग हमें जबरन उठाकर ले जाने का प्रयास करने लगे. इस दौरान हाथापाई होने लगी. अंचल गार्ड की सहायता से किसी तरह से हमारी जान बची. इसके बाद मुझे धमकी देते हुए और हथियार लहराते हुए सभी भाग गए. इस दौरान कई आवश्यक कागजातों को भी नष्ट कर दिया गया है. इस संबंध में हमने तत्काल इसकी जानकारी औरंगाबाद डीएम को दी. दाउदनगर सीओ ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा था....इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाय. सीओ ने 15 जून को केस दर्ज करने का आवेदन दिया था, लेकिन केस दर्ज करने में दाउदनगर थाने की पुलिस टालमटोल करती रही। वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद केस दर्ज किया गया था। दाउदनगर पुलिस 331/22 केस दर्ज कर अनुसंधान शुरू की. हालांकि लोजपा(रामविलास) के नेता की इतना तगड़ी सेटिंग थी कि सीओ के केस में बाल-बांका नहीं हुआ.