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16-Oct-2025 03:54 PM
By First Bihar
BIHAR ELECTION : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर सियासी पेंच अब भी फंसा हुआ है। कांग्रेस, राजद और वाम दल मिलकर महागठबंधन की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। कांग्रेस और राजद के अलावा वाम दल के तरफ से भी अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, सीटों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने बड़ा खुलासा किया है और महागठबंधन के रणनीति को लेकर कुछ हिंट दिए हैं।
राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस इस बार बिहार में 60 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए गए हैं और जल्द ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महागठबंधन के अंदर भी अपना महत्वपूर्ण रोल निभाएगी और सीट बंटवारे के मामले में कोई समझौता नहीं होगा, जिससे पार्टी के कैंडिडेट्स को पूरी तरह से चुनावी मैदान में उतारा जा सके।
अखिलेश प्रसाद सिंह ने तेजस्वी प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर नाम पर भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा, “हम लगातार यही कह रहे हैं कि तेजस्वी प्रसाद यादव के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है। जब सीटों की घोषणा होगी, तो मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर भी ऐलान किया जाएगा।” यह बयान महागठबंधन के अंदर मुख्यमंत्री फेस को लेकर चल रही अटकलों और संशयों पर पर्दा डालने जैसा माना जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस की ओर से जब यह सवाल किया गया था कि अगर गठबंधन की सरकार बनेगी तो मुख्यमंत्री कौन होगा, तो पार्टी ने गोलमोल जवाब देते हुए कोई सीधा उत्तर नहीं दिया था।
राज्यसभा सांसद के बयान से साफ हो गया कि कांग्रेस महागठबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ मुख्यमंत्री चेहरे के समर्थन में भी पूरी तरह खड़ी है। यह स्थिति महागठबंधन की रणनीति और चुनावी समीकरण को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। सीटों के बंटवारे को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं, और अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
वहीं, वोटर अधिकार यात्रा के दौरान भी इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि वह वोटर अधिकार यात्रा से संबंधित सवालों का जवाब देंगे और मुख्यमंत्री फेस पर चर्चा से बचते हुए सवाल को टाल दिया। राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया ने भी यह संकेत दिया कि पार्टी का फोकस अभी चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर है, बजाय मुख्यमंत्री चेहरे पर बहस करने के।
कुल मिलाकर बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन की रणनीति अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुई है। सीटों के बंटवारे और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर कई स्तर पर चर्चा और परस्पर संवाद जारी है। कांग्रेस की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है, और पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कम से कम 60 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके साथ ही, तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में समर्थन देना भी पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा है।
बिहार में महागठबंधन की सीट बंटवारे की स्थिति और मुख्यमंत्री फेस पर स्पष्ट निर्णय आने के बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह से स्पष्ट होगी। फिलहाल, राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवार तय कर रहे हैं और जनता तक संदेश पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं। महागठबंधन की यह स्थिति यह दर्शाती है कि गठबंधन के अंदर सामंजस्य और रणनीति बनाने की प्रक्रिया जारी है, और अंतिम घोषणा चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों से पहले की जाएगी।
इस प्रकार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की सक्रिय भूमिका, 60 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना और तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में समर्थन महागठबंधन के चुनावी समीकरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख फैक्टर बन चुके हैं।