Bihar News: मोतिहारी के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए जमीन की नापी करने पहुंची प्रशासनिक टीम को रविवार को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जमीन पर अपना दावा कर रहे किसानों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। 


किसानों का आरोप है कि वे वर्षों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और उनके पास जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमाबंदी रद्द कर दी गई है और अब प्रशासन द्वारा जबरन जमीन अधिग्रहण कर वाटर पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 


विरोध के दौरान बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और पुरुष जमीन पर पहुंच गए और नापी का विरोध करने लगे। पुलिस ने जब किसानों को हटाने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। किसानों ने पुलिस पर सख्ती बरतने और मारपीट करने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे। कई घंटों तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव बना रहा।


बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बीच जमीन की नापी का काम शुरू कराया गया। मौके पर सदर एसडीओ निशांत सिहारा, डीएसपी समेत कई अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। हालांकि प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। फिलहाल पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही। किसानों का कहना है कि वह अपनी जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी