Valentine Day: पटना में वैलेंटाइन डे से पहले 'बाबू-सोना' पोस्टर, पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट; बढ़ाई गई निगरानी Valentine Day: पटना में वैलेंटाइन डे से पहले 'बाबू-सोना' पोस्टर, पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट; बढ़ाई गई निगरानी PMJAY 2026 : आयुष्मान कार्ड बनवाना हुआ आसान,अब आशा और आंगनवाड़ी सहायिका भी कर सकेंगी यह काम पटना से बड़ी खबर: सांसद पप्पू यादव को तीनों मामलों में मिली जमानत, किसी भी वक्त जेल से निकलेंगे बाहर Bihar Crime News: पटना के बाद बक्सर और पूर्णिया कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी Bihar Crime News: पटना के बाद बक्सर और पूर्णिया कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी वैलेंटाइन वीक में प्रेमिका के घर फायरिंग: सनकी प्रेमी सहित 3 आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, देसी पिस्टल और कारतूस बरामद New PMO India : बदल गया भारत का प्रशासनिक पावर सेंटर, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ PMO का उद्घाटन किया Bihar News: स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ी पहल, बिहार सरकार और गेट्स फाउंडेशन के बीच MoU पर हस्ताक्षर; हेल्थ केयर में आएगी नई क्रांति Bihar News: स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ी पहल, बिहार सरकार और गेट्स फाउंडेशन के बीच MoU पर हस्ताक्षर; हेल्थ केयर में आएगी नई क्रांति
16-Jul-2025 04:08 PM
By SONU
Bihar News: बिहार के कटिहार स्थित बाल सुधार गृह एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। सदर प्रखंड कार्यालय के पीछे स्थित इस बाल सुधार गृह से सोमवार रात 6 नाबालिग बच्चे ग्रिल काटकर फरार हो गए। ये बच्चे रात का खाना खाने के बाद मौका पाकर ग्रिल काटकर सुधार गृह से भाग निकले।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया और फरार बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई। खोज अभियान के दौरान तीन नाबालिग बच्चों को डंडखोरा थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया गया, जबकि बाकी तीन की तलाश अभी भी जारी है।
बाल सुधार गृह में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा गार्ड की तैनाती रहती है, फिर भी बच्चों का ग्रिल काटकर फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को उजागर करता है। यह घटना इस वर्ष की तीसरी बड़ी चूक है। इससे पहले भी दो बार बाल सुधार गृह से बच्चों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक घटना में बालिका सुधार गृह से नाबालिग लड़कियां भागी थीं, जिसकी खूब चर्चा हुई थी।
इन सबके बावजूद प्रबंधन ने न तो कोई सख्त कदम उठाया और न ही सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया हालांकि, पूर्व की घटनाओं के बाद एक जांच समिति भी गठित की गई थी, जिसने बाल सुधार गृह की कार्यप्रणाली की जांच की थी, लेकिन उस जांच का कोई असर प्रबंधन पर नहीं दिखा। अब एक बार फिर हुई यह घटना बाल सुधार गृह की लापरवाही को उजागर कर रही है।