Bihar Crime News: भारत में नोटबंदी के दौरान हुए बिहार में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित मामले में आर्थिक अपराध इकाई, बिहार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। 



आरोपी को शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम ने बैंक ऑफ इंडिया की फुलवरिया शाखा, कोडरमा (झारखंड) से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अरविंद कुमार, स्वर्गीय बालगोविंद रजक के पुत्र हैं और पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित पंचवटी नगर, बीबीगंज भट्ठा के निवासी हैं। उनके खिलाफ निगरानी न्यायालय, पटना द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।



यह मामला सिविल लाइन (गया) थाना कांड संख्या-340/2016 से संबंधित है, जो नोटबंदी के दौरान कथित गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 419, 420, 467, 468, 469, 471, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई थी।



जांच के अनुसार, घटना के समय अरविंद कुमार बैंक ऑफ इंडिया की गया मुख्य शाखा में पदस्थापित थे। आरोप है कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वादी राजेश कुमार के बैंक खाते में खाताधारक की जानकारी और अनुमति के बिना लाखों रुपये का लेन-देन किया।



जब खाताधारक को इस अनधिकृत लेन-देन की जानकारी मिली, तब उन्होंने सिविल लाइन थाना, गया में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की जांच के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।