Bihar Vigilance Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। वैशाली जिले के बेलसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पटेढ़ी की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और उनके कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया है। इसके बाद निगरानी की टीम डॉ. कामिनी प्रसाद के पटना स्थित आवास पर तलाशी ले रही है।



निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, डॉ. कामिनी प्रसाद के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 119/26, दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।



निगरानी ब्यूरो को सूचना मिली थी कि डॉ. कामिनी प्रसाद कथित तौर पर काम करने के बदले रिश्वत की मांग करती थीं। ऐसे में उनके आवास की तलाशी के दौरान अतिरिक्त नकदी और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की आशंका जताई गई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पटना स्थित उनके आवास पर तलाशी शुरू की गई।



निगरानी ब्यूरो की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अब तक की तलाशी में 15 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवरात, फ्लैट और बीमा से संबंधित कागजात भी मिले हैं। जांच के दौरान बैंक खातों में 99,61,623 रुपये जमा होने की जानकारी भी सामने आई है। निगरानी टीम बरामद नकदी, आभूषणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।



निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, डॉ. कामिनी प्रसाद के पटना स्थित आवास पर तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत ब्योरा जारी किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।