Bihar Crime News: भागलपुर में खुद को सीआईडी का डीएसपी बन नौकरी दिलाने का झांसा देकर दर्जन भर से अधिक लोगों से ठगी करने वाला मनोज वर्मा अब भी पुलिस की पकड़ से फरार है। कैंसर पीड़िता महिला सोनम भारती समेत दो महिलाओं ने भागलपुर के इशाकचक और बाईपास थाने में केस दर्ज करवाया है।
पुलिस मनोज वर्मा की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी कर रही है। छापेमारी के दौरान घर पर हथियार भी बरामद हुए थे जिसे लाइसेंसी बताया गया है। हथियार के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा रही है। दरअसल मनोज वर्मा खुद को सीआईडी का डीएसपी बताकर दर्जन भर से अधिक महिलाओं समेत पुरुषों के साथ लाखों की ठगी को अंजाम दे चुका है। मामला दर्ज होने के बाद कुछ पीड़ितों का पैसा भी मनोज वर्मा के द्वारा लौटाया गया है, लेकिन वह फरार चल रहा है।
भागलपुर के सीनियर एसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि बांका थाने में पूर्व में जीरो FIR दर्ज हुआ था जिसे फिर इशाकचक ट्रांसफर किया गया। वहीं बाईपास थाने में भी एक मामला दर्ज हुआ है। वह व्यक्ति मनोज वर्मा खुद को सीआईडी का डीएसपी बताता है लेकिन वह डीएसपी नहीं है। स्पेशल ब्रांच से भी सत्यापन किया है वह पटना में बिहार पुलिस में किसी विभाग में कार्यरत है। वहां पर डाक पहुंचने का काम करता है।
उन्होंने बताया कि पुलिस छापेमारी कर रही है। आरोपी पटना से भी फरार है। भागलपुर में उनके घर पर भी छापेमारी हुई थी, जहां से भी वह फरार हो गया था। घर पर लाइसेंसी हथियार बरामद हुआ है, जिसके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
पीड़ित महिलाओं की तरफ से मुकदमा लड़ रहे सीनियर एडवोकेट राजीव कुमार सिंह ने बताया कि वह व्यक्ति दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। नौकरी दिलाने का झांसा देकर वह पैसे की ठगी करता है। खुद को सीआईडी का डीएसपी बाताकर वह भागलपुर के कृषि कॉलेज हो, एनटीपीसी हो या पुलिस विभाग में पैरवी करने की बात कह कर महिलाओं व पुरुषों को ठगी का शिकार बनाता है। कैंसर पीड़िता से भी उसने मोटी रकम की ठगी की है। आईजी और सीनियर एसपी से अनुरोध करता हूं कि उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाय।
रिपोर्ट- शयामानंद सिह, भागलपुर