Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्वेता मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलेगी. सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोपी अधिकारी श्वेता मिश्रा के खिलाफ जांच के लिए मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया है .


डीसीएलआर रहते भारी गड़बड़ी का आरोप

आरा सदर अनुमंडल की तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता श्वेता मिश्रा वर्तमान में मनिहारी अनुमंडल की लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी हैं. इनके खिलाफ दाखिल खारिज अपील वाद को लंबित रखने, ऑफिशियल लॉगिन का दुरुपयोग करने, भूमि विवाद का निष्पादन कम करने, अधिकांश केस में पक्षकारों को नोटिस निर्गत नहीं करने, बड़ी संख्या में वाद का बिना किसी सुनवाई के आदेश पारित करने, कर्तव्य हीनता एवं स्वेच्छाचारिता के आरोप हैं. इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 8 जुलाई 2025 को पत्र भेज कर अनुशासनिक कार्रवाई करने की सिफारिश की थी .


श्वेता मिश्रा ने सरकार की छवि को किया धूमिल

सामान्य प्रशासन विभाग ने समीक्षा में पाया है कि श्वेता मिश्रा 25 जुलाई 2022 से 18 अक्टूबर 2024 तक आरा सदर अनुमंडल की भूमि सुधार उप समाहर्ता थीं.इनके कार्यकाल में भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय में कुल 3501 दाखिल खारिज अपील वाद दायर किये गए। जिसमें से 727 केस का ही निष्पादन किया गया,जो कुल आवेदन का सिर्फ 22.48 फीसदी है. जबकि 2714 केस को लंबित रखा गया. इनके द्वारा भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय के महत्वपूर्ण न्यायिक दायित्व के निर्वहन में भारी शिथिलता बरती गई। इससे न केवल रैयत को परेशानी हुई, बल्कि राज्य सरकार की छवि भी धूमिल हुई है.


मुख्य जांच आयुक्त को बनाया गया संचालन पदाधिकारी

भूमि विवाद निराकरण अधिनियम के तहत भी इन्होंने 12 केस को लंबित रखा है. ऐसे में इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलने का निर्णय लिया गया है. महानिदेशख सह मुख्य जांच आयुक्त अब पूरा मामले की समीक्षा करेंगी, आरोपी अधिकारी का पक्ष लेकर फैसला देंगे.