Bihar Education News: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत अब निजी विद्यालयों की मनमानी पर सख्ती की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम का उल्लंघन करने पर स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।


शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को हर हाल में इस प्रावधान का पालन करना होगा। यदि कोई विद्यालय 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन नहीं लेता है, तो उसके प्रबंधन के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की जाएगी।


इसके अलावा, नर्सरी या कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चों का इंटरव्यू या किसी प्रकार की स्क्रीनिंग (टेस्ट) लेने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, आरटीई कानून का पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार नियम तोड़ने पर यह जुर्माना बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया जाएगा। 


वहीं, बिना सरकारी स्वीकृति के कोई प्रारंभिक विद्यालय संचालित करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, निर्धारित तिथि के बाद भी विद्यालय चलाने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।