Bihar News: एमबीबीएस सेमेस्टर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सही पाए जाने के बाद सोमवार को IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। संस्थान ने एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पूरक परीक्षा को रद्द कर दिया है। साथ ही परीक्षा विभाग के सभी कर्मियों और सात छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित छात्रों से जवाब मांगा गया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने परीक्षा विभाग में भी बदलाव किया है। विभाग में प्रो. अंजू सिंह, डॉ. विनोद कुमार और डॉ. सरिता मिश्रा को सब डीन (परीक्षा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं परीक्षा विभाग के अन्य सभी कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
बताया गया है कि द्वितीय वर्ष की यह पूरक परीक्षा दिसंबर 2025 में आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 130 छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद एक अज्ञात ईमेल के जरिए गड़बड़ी की सूचना मिलने पर अप्रैल के पहले सप्ताह में जांच कमेटी गठित की गई।
डीन (अकादमिक) डॉ. ओम कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई, जिसमें डॉ. विभूति सिन्हा, प्रफुल्ल रंजन और रजिस्ट्रार डॉ. सर्वेश शामिल थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है, हालांकि इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा पूरी तरह कदाचार मुक्त नहीं थी और गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उत्तर पुस्तिकाओं और प्रश्न पत्रों से छेड़छाड़ की संभावना जताई गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि उत्तर पुस्तिका में तीन स्थानों पर किए गए हस्ताक्षरों में असमानता पाई गई। कुछ छात्रों की कॉपियों में आगे और पीछे के हस्ताक्षर एक जैसे थे, जबकि बीच के पन्ने पर हस्ताक्षर अलग पाए गए, जिससे संदेह और गहरा गया है।