DESK : लॉकडाउन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने सीकेपी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. जिससे सीकेपी सहकारी बैंक के ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंंक के इस कदम के बाद बैंक की 485 करोड़ रुपये की एफडी अधर में अटक गई है औऱ सवा लाख खाताधारकों को झटका लगा है.

सीकेपी सहकारी बैंक पर आरबीआई ने साल 2914 से ही प्रतिबंध लगा रखा था. इसके पहले प्रतिबंध की तारीख को 31 मार्च से  बढ़ाकर 31 मई की गई थी. लेकिन इसके पहले ही अब आरबीआई ने  बैंक का लाइसेंस ही रद्द कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार सीकेपी सहकारी बैंक  की नेटवर्थ में गिरावट के कारण इसके लाइसेंस को रद्द  किया गया है. 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैंक का घाटा बढ़ने और  नेट वर्थ में बड़ी गिरावट के कारण बैंक के लेन-देन पर साल 2014 में प्रतिबंध लगाया गया था. इसके बाद से लगातार घाटा कम करने का प्रयास किया जा रहा था.  ब्याज दर में कटौती करके ब्याज दर 2 प्रतिशत तक लाई गई थी. वहीं कुछ निवेशकों ने अपने एफडी को शेयर में निवेश कर लिया था  जिसका असर भी दिखाई देने लगा था.  बैंक का घाटा कम हो रहा था. लेकिन इस बीच आबीआई ने निवेशकों को झटका देते हुए बैंक का लाइसेंस ही रद्द कर दिया है.