सीतामढ़ी: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) शिक्षक-स्नातक संवाद कार्यक्रम में शामिल होने सीतामढ़ी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन को लेकर अपनी बात रखी।


 PK ने कहा कि यह वोट सरकार बनाने या हटाने के लिए नहीं, बल्कि पहले से बनी व्यवस्था को जवाबदेह बनाने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव बिहार में बैठे हुक्मरानों के मन में डर पैदा करेगा और उन्हें जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराएगा।



PK ने कहा कि अगर जनता किसी नेता को कुर्सी पर बैठा सकती है, तो काम नहीं करने पर उसे कुर्सी से हटा भी सकती है। उन्होंने शिक्षकों को सातवां वेतनमान और स्नातकों को 10 हजार नौकरी दिलाने की बात भी कही।


उम्मीदवारों को लेकर भी दिया बयान

कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने जन सुराज के पूर्व उम्मीदवार के दूसरी पार्टी में जाने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने डॉ. रश्मि और डॉ. विमोहन का जिक्र करते हुए कहा कि गुण-दोष के आधार पर दोनों अच्छे उम्मीदवार हैं। 


हालांकि, उन्होंने डॉ. रश्मि को जंगलराज वाली पार्टी का उम्मीदवार बताया, जबकि डॉ. विमोहन को जन सुराज का उम्मीदवार बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी बिहार के बेहतर भविष्य और रोजगार की बात करती है।


जाति की राजनीति पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज जाति और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करता। उन्होंने NDA और RJD के नेताओं पर जाति के नाम पर वोट मांगने का आरोप लगाया। 


PK ने कहा कि नेताओं को जाति की बजाय जनता के हितों की चिंता करनी चाहिए। उनके मुताबिक, कई नेता जनता के बजाय अपनी कुर्सी और अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करते हैं।


प्रशांत किशोर के इन बयानों के बाद शिक्षक-स्नातक निर्वाचन और बिहार की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।