SAMASTIPUR: समस्तीपुर में मोटर वाहन संघ ने जिला स्तरीय बैठक में बड़ा फैसला लिया है। एक अक्टूबर से गिट्टी-बालू CFT के बजाय वजन के हिसाब से बेचा जाएगा।
रविवार को आयोजित जिलेभर के वाहन मालिकों की बैठक के बाद इस बात का ऐलान किया गया है। मोटर वाहन संघ का कहना है कि सरकार उनसे बालू-गिट्टी का टैक्स वजन से प्रति टन के हिसाब से लेती है, इसलिए उपभोक्ताओं को वे लोग भी अब वजन से ही मेटेरियल बेचने का काम करेंगे।
हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि सामान भींगने पर वजन बढ़ने से नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ सकता है, इसके लिए जबाबदेह कौन होगा? इस पर संघ के सचिव ने बताया कि माल लोडिंग के बाद तिरपाल से ढंकना अनिवार्य है, इसलिए उपभोक्ताओं को सुखे हालत में ही सामान मुहैया कराया जाएगा।
इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य परिवहन और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को ओवरलोडिंग या कम सामान मिलने की समस्या से बचाना है। अब ग्राहकों को ठीक उतना ही माल मिलेगा जितने का वे भुगतान करेंगे। पहले सीएफटी (घन फीट) के माप में गिट्टी-बालू के गीले होने या भरने के तरीके के कारण विवाद होता था, जो अब खत्म हो जाएगा।
ट्रकों और ट्रैक्टरों में क्षमता से अधिक गिट्टी-बालू लादने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी। इससे सड़कों के खराब होने और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। अब सभी वाहनों को गिट्टी-बालू लोड करने के बाद रजिस्टर्ड धर्मकांटे पर तौल कराना अनिवार्य होगा।