अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
31-Dec-2020 11:46 AM
By Ramesh Rai
SAMASTIPUR : बदहाली के लिए बदनाम बिहार के स्वास्थ्य महकमें में एक और लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां एक प्रेगनेंट महिला को परिवार नियोजन ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहां महिला को बेहोश भी कर दिया गया, पर जैसे ही डॉक्टर ने उसे देखा ओटी से बाहर निकाल दिया.
मामला विभूतिपुर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विभूतिपुर का हैं, जहां सुरौली वार्ड 3 के निवासी जय प्रकाश शर्मा की पत्नी बबीता देवी जो 5 महीने के गर्भवती हैं उन्हें परिवार नियोजन ऑपरेशन के लिए आशा के द्वारा सरकारी अस्पताल में लाया गया. आश्चर्य की बात यह है कि महिला को ओटी रुम में ले जाया गया और ऑपरेशन की सारी प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई और महिला को बेहोश कर दिया गया.
तब डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बेड पर महिला के पेट में ट्यूमर या बच्चा होने की आशंका पर महिला को बेड से उतारकर अस्पताल के बरामदे के फर्श पर सुला दिया. सवाल पूछे जाने पर महिला की मां और आशा ने बताया कि यह 5 महीने की गर्भवती है, जिसे डॉक्टरों ने बेड पर से बाहर कर दिया है. वहीं मौजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फुलेश्वर प्रसाद सिंह ने हेल्थ मैनेजर संजय कुमार से जानकारी लेने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लिए और पत्रकारों को इस संबंध में जानकारी देना मुनासिब नहीं समझे और अस्पताल से गायब हो गए.
इतना ही नहीं ऑपरेशन कर रहे डॉक्टर भी अस्पताल से गायब हो गए. अब सवाल उठता है कि बिना जांच कराए या बिना रिपोर्ट देखें महिला को ऑपरेशन रूम में कैसे ले जाया गया और बेहोशी का सुई कैसे दिया गया. यदि महिला गर्भवती थी और इस हालत में अगर ऑपरेशन हो जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी.