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02-Feb-2026 07:51 PM
By First Bihar
SARAN: सारण के समाहरणालय में एक युवक ने खुद को IAS अधिकारी बताकर जिलाधिकारी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उसकी पहचान होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
युवक ने खुद को रीतेश कुमार, पिता कृष्णा पंडित, ग्राम बसाढ़ी, थाना छपरा मुफस्सिल बताया और दावा किया कि वह वर्तमान में मेरठ में आईएएस के पद पर कार्यरत है। उसे जिलाधिकारी से मिलने के लिए कार्यालय में भेजा गया, लेकिन जब जिलाधिकारी ने पहचान पत्र की मांग की तो युवक असमर्थ पाया गया।
पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि वह किसी भी सरकारी पद पर नहीं है। उसका यह दावा और आईएएस होने का दिखावा, लोगों से काम कराने और इसके एवज में मोटी रकम वसूलने के उद्देश्य से किया जाता था। जिलाधिकारी के निर्देश पर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार सारण समाहरणालय में एक व्यक्ति खुद को आईएएस बता वहां प्रतिनियुक्त आदेशपाल से कहा कि मैं रीतेश कुमार, पिता कृष्णा पंडित, ग्राम -बसाढ़ी, थाना-छपरा मुफ्फसिल का रहने वाला हूं। वह वर्तमान में मेरठ में आईएएस के पद पर तैनात है। उसने आदेशपाल से कहा मुझे जिलाधिकारी से मिलना है। उसे जिलाधिकारी से मिलने के लिए कार्यालय प्रकोष्ठ के अंदर भेजा गया। जिलाधिकारी द्वारा जब उससे पहचान पत्र की मांग की गयी तो उसके द्वारा अनभिज्ञता जाहिर की गयी। जिसके बाद पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह आईएएस या अन्य कोई सरकारी पद पर पदस्थापित नहीं है। वह अपना धौंस दिखाने के लिए आईएएस ऑफिसर बनकर जगह-जगह सरकारी कार्यालयों में जाकर अधिकारियों से मिलता हैं और इसके एवज में किसी व्यक्ति का काम हो जाता है। जिसके बाद वह मोटी रकम उस व्यक्ति से वसूलता है जिसका वो काम करवाता है। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से पैसा वसूलने का काम करता है। इतना सुनते ही डीएम ने उसके खिलाफ टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
छपरा से पवन कुमार सिंह की रिपोर्ट