Bihar News: बिहार के सारण जिले के डोरीगंज थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी चालान के खेल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से वाहन जब्त किए और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस खुलासे के बाद इलाके में बालू माफिया के बीच हड़कंप मच गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:50 बजे खनन पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र के घाटों पर बिना वैध अनुमति के बालू का उठाव और परिवहन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डोरीगंज थाना पुलिस ने तत्काल विशेष अभियान चलाया और संबंधित घाटों की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की।


छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि तीन वाहन बिना वैध टोकन के घाट संख्या-07 में प्रवेश कर चुके थे और अवैध तरीके से बालू उठाव की तैयारी में थे। इसी दौरान एक ट्रक, जिसमें करीब 500 घनफीट सफेद बालू लदा हुआ था, घाट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया।


पकड़े गए ट्रक चालक से जब चालान मांगा गया, तो उसने एक दस्तावेज प्रस्तुत किया। पुलिस ने जब उस चालान की बारीकी से जांच की, तो वह पूरी तरह फर्जी निकला। जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह के फर्जी चालानों का इस्तेमाल कर लंबे समय से अवैध बालू का उठाव और परिवहन किया जा रहा था।


घाट प्रबंधक से पूछताछ के दौरान यह पुष्टि हुई कि प्रस्तुत चालान उस घाट के लिए मान्य नहीं था। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया और पूरे मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।


इस मामले में डोरीगंज थाना कांड संख्या 181/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मौके से सुशील चौधरी, राजेश्वर राय और नीरज तिवारी को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक बालू लदा ट्रक समेत दो अन्य वाहन भी जब्त किए गए हैं।


पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।