Bihar News: सहरसा जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में एनएच-107 पर निर्माणाधीन पुल से गिरकर 53 वर्षीय साइकिल सवार की मौत हो गई. हादसा सोनवर्षाराज-सिमरी बख्तियारपुर एनएच-107 पर टेंगराहा मोड़ के पास शुक्रवार देर रात हुआ. बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, डायवर्जन बोर्ड और पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए गए थे. अंधेरे में रास्ता समझ नहीं आने के कारण साइकिल सवार पुल के नीचे जा गिरा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई.


शनिवार सुबह राहगीरों ने पुल के नीचे शव और साइकिल पड़ी देखी, जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया. काफी प्रयास के बाद मृतक की पहचान खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के इटहरी बासा, कंजरी गांव वार्ड संख्या-7 निवासी सुरेश प्रसाद सिंह के 53 वर्षीय पुत्र दिनेश सिंह के रूप में हुई.


परिजनों के अनुसार, दिनेश सिंह शुक्रवार को कारू बाबा स्थान पर पूजा-अर्चना करने गए थे. पूजा खत्म करने के बाद देर रात वह साइकिल से अपने गांव वापस लौट रहे थे. इसी दौरान टेंगराहा मोड़ के पास निर्माणाधीन पुल के नजदीक यह हादसा हो गया.


बताया जा रहा है कि सड़क पर काफी अंधेरा था और निर्माणाधीन पुल के पास रास्ता बदलने के लिए कोई स्पष्ट डायवर्जन बोर्ड, बैरिकेडिंग, लाल बत्ती या अन्य संकेतक नहीं लगाया गया था. इसी वजह से दिनेश सिंह को आगे का रास्ता समझ नहीं आया और उनकी साइकिल अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन पुल के नीचे जा गिरी.


पुल के नीचे मौजूद पत्थरों से सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद शनिवार सुबह राहगीरों की नजर शव और साइकिल पर पड़ी, तब जाकर हादसे की जानकारी सामने आई.


हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे. दिनेश सिंह का शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें संभाला.


पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.


हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-107 पर कई जगह निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण स्थलों पर रात के समय राहगीरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं.