Bihar Airport: बिहार में सहरसा के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा हवाई सेवा का सपना अब अगले साल पूरा होने जा रहा है। एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन के बाद यहां छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे।
इससे सहरसा की कनेक्टिविटी बिहार और देश के अन्य हिस्सों से बेहतर होगी। हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पिछले साल सितंबर में ओएलएस के तहत सहरसा हवाई अड्डे के आसपास लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे किया गया था। पांच दिनों तक चली इस प्रक्रिया में तीन सदस्यीय टीम ने ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों और हाई टेंशन तारों की जांच की, जो उड़ान संचालन में बाधा बन सकते हैं।
टीम ने राय टोला से बैजनाथपुर और आसपास के इलाकों का भी निरीक्षण किया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने ईपीसी मोड पर ई-निविदा जारी की है। इस परियोजना का उद्देश्य सहरसा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए विकसित करना है। टेंडर 16 जून को खोला जाएगा और चयनित कंपनी को निर्माण कार्य सौंपा जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 38.14 करोड़ रुपये है और इसे 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के तहत 1000 मीटर × 30 मीटर का रनवे बनाया जाएगा। साथ ही 1580 वर्ग मीटर का दो मंजिला टर्मिनल भवन, 165 वर्ग मीटर का एटीसी टावर और 451 वर्ग मीटर का फायर स्टेशन बनाया जाएगा। प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर टर्मिनल, आधुनिक एटीसी टावर और फायर स्टेशन जैसी सुविधाओं से एयरपोर्ट की सुरक्षा और संचालन क्षमता मजबूत होगी।