EAST CHAMPARAN: पूर्वी चंपारण के पिपराकोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क निर्माण को लेकर चल रहे किसान आंदोलन ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। किसानों के समर्थन में पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को अब राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इसे प्रमुखता से उठाएंगे।
पिपराकोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी वर्षों पुरानी जमाबंदी को जिला प्रशासन ने गैरमजरूआ जमीन बताते हुए रद्द कर दिया है।
इसी विवाद के बीच एक दिन पहले सांसद सुधाकर सिंह आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे और किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर चलाकर जमीन की जुताई की थी। इसके बाद शनिवार को सांसद पप्पू यादव भी आंदोलन में शामिल हुए और किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद की।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि किसानों की वैध जमाबंदी को कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के दबाव और मोटी रकम के बल पर रद्द किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा कर वाटर पार्क बनाने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बिहार में किसानों की जमीन जबरन छीनी जा रही है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास हो रहा है। पप्पू यादव ने दावा किया कि यह आंदोलन अब और व्यापक होगा।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि किसान को न्याय दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि 15 तारीख को पटना में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगमन के दौरान इस मुद्दे को उनके समक्ष रखा जाएगा और राहुल गांधी स्वयं भी किसानों के इस आंदोलन की आवाज उठाएंगे। फिलहाल वाटर पार्क परियोजना को लेकर किसान और प्रशासन आमने-सामने हैं तथा पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।