Bihar News: चलती ट्रेन से फेंके जाने के बाद कैलाश कुमार की मौत के मामले में दानापुर GRP की लापरवाही सामने आने पर दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अज्ञात शव को निर्धारित 72 घंटे की पहचान अवधि पूरी होने से पहले ही करीब 24 घंटे में अंतिम संस्कार कराने के आरोप में दानापुर रेल थाना के सहायक दारोगा राकेश कुमार और सिपाही अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, चलती ट्रेन में दोस्त के साथ मारपीट और लूटपाट के बाद कैलाश कुमार के हाथ-पैर बांधकर उसे ट्रेन से फेंक दिया गया था। इसके बाद नेऊरा-बिहटा के बीच रेलवे ट्रैक से GRP को एक अज्ञात युवक का शव मिला था। पुलिस ने इस मामले में यूडी केस दर्ज कर शव को पहचान के लिए सुरक्षित रखा, लेकिन निर्धारित 72 घंटे की अवधि पूरी होने से पहले ही करीब 24 घंटे में उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया।
मामले में रेल पुलिस अधीक्षक पटना आनंद कुमार राय ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। रेल एसपी के अनुसार, अज्ञात शव मिलने पर यूडी कांड दर्ज कर उसे शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखने का प्रावधान है। इस मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई।
रेल एसपी ने बताया कि कैलाश कुमार की मौत के मामले में आरोपी की पहचान कर ली गई है। आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में न्यायालय से वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
गौरतलब है कि मृतक कैलाश कुमार आरा के अनाईठ निवासी अर्जुन कुमार का 20 वर्षीय पुत्र था। परिजनों का आरोप है कि छह सितंबर की रात बक्सर से लौटने के दौरान ट्रेन में बदमाशों ने कैलाश और उसके दोस्त रितेश के साथ मारपीट की। इसके बाद कैलाश को ट्रेन से फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।