इन दो शहरों के बीच नया एक्सप्रेसवे, सिर्फ दो घंटे में 350 किलोमीटर का सफर; गडकरी का दावा इन दो शहरों के बीच नया एक्सप्रेसवे, सिर्फ दो घंटे में 350 किलोमीटर का सफर; गडकरी का दावा बिहार में मेगा ब्रिज प्लान: गंगा, सोन, कोसी और गंडक नदी पर बनेंगे 51 बड़े पुल, आवागमन होगा और आसान; विकास को मिलेगी नई रफ्तार बिहार में मेगा ब्रिज प्लान: गंगा, सोन, कोसी और गंडक नदी पर बनेंगे 51 बड़े पुल, आवागमन होगा और आसान; विकास को मिलेगी नई रफ्तार Nepal Election: नेपाल चुनाव को लेकर भारतीय सीमा 72 घंटों के लिए सील, 5 मार्च को वोटिंग; एक हजार से अधिक अस्थायी वोटर्स के लिए विशेष तैयारी Nepal Election: नेपाल चुनाव को लेकर भारतीय सीमा 72 घंटों के लिए सील, 5 मार्च को वोटिंग; एक हजार से अधिक अस्थायी वोटर्स के लिए विशेष तैयारी Bihar Weather Today: बिहार में मार्च में ही चढ़ा पारा, होली के दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए.. Bihar Weather Today: बिहार में मार्च में ही चढ़ा पारा, होली के दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए.. Holi 2026: दूर रहकर भी मनाएं रंगों का त्योहार, WhatsApp के इन फीचर्स से जुड़ें अपनों के साथ Holi 2026: दूर रहकर भी मनाएं रंगों का त्योहार, WhatsApp के इन फीचर्स से जुड़ें अपनों के साथ
14-Jan-2026 01:40 PM
By FIRST BIHAR
JP Ganga Path: पटना और वैशाली जिलों में चल रही प्रमुख सड़क एवं शहरी विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए नौ बालूघाटों के आवंटन को मंजूरी दे दी है। यह आवंटन बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को आवश्यक शर्तों और बंधनों के साथ किया गया है, ताकि निर्माण कार्यों के लिए बालू की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
इस निर्णय के तहत पटना जिले के सात और वैशाली जिले के दो बालूघाट बीएसआरडीसीएल को आवंटित किए गए हैं। पटना जिले में पटना गंगा-2, 2ए, 2बी, 2सी, 2डी, पटना गंगा-3ए और पटना गंगा-3बी बालूघाट शामिल हैं। वहीं वैशाली जिले में वैशाली गंगा-6ई और वैशाली गंगा-6एफ बालूघाट निगम को सौंपे गए हैं।
सरकार के इस फैसले से जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1) के निर्माण कार्य को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा भद्रघाट–दीदारगंज पथ तथा दीदारगंज–फतुहा–बख्तियारपुर–करजान पथ के चार लेन चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य को भी गति मिलेगी।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से पटना और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी। सरकार का मानना है कि बालूघाटों के आवंटन से निर्माण कार्यों में होने वाली अनावश्यक देरी रुकेगी, परियोजनाओं की लागत पर नियंत्रण रहेगा और काम तय समय-सीमा में पूरा किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, यह निर्णय राजधानी पटना और आसपास के जिलों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल आम लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी।