Patna News: पटना में इन दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है, लेकिन इसी बीच शहर में कचरा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। 21 मई को पटना नगर निगम के करीब 8000 कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर जाने वाले हैं। इसमें मजदूर, सफाईकर्मी, ड्राइवर और स्वीपर शामिल होंगे।


पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने बताया कि हड़ताल को लेकर हुई बैठक में कर्मचारियों ने वेतन, पेंशन और अन्य भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि तत्कालीन नगर आयुक्त के स्थानांतरण के बाद से कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और वेतन वृद्धि का बकाया भी लंबित है।


सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो जुलाई में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से वेतन भुगतान को लेकर लगातार टालमटोल और लापरवाही बरती जा रही है।


हड़ताल के चलते शहर में कचरा जमा होने की आशंका है, जिससे दुर्गंध फैल सकती है और लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो सकता है। मानसून के मौसम को देखते हुए हालात और भी गंभीर होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि गली-मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर कूड़ा-कचरा सड़ने लगेगा।


सफाईकर्मियों की प्रमुख मांगों में शामिल है कि आउटसोर्स कर्मियों को 01/04/2025 और 01/04/2026 से बढ़े हुए दर के अनुसार बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही दैनिक कर्मियों को 01/10/2025 और 01/04/2026 से बढ़े हुए वेतन का भुगतान दिया जाए।


इसके अलावा मांग की गई है कि दैनिक और आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने कार्यपालक पदाधिकारी स्तर पर नियमित बैठक आयोजित की जाए, ताकि समय पर उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। अब सभी की नजर प्रशासन के रुख पर है, क्योंकि हड़ताल होने पर पटना में स्वच्छता व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।