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Patna News: मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, इंदिरा आवास योजना से बना था घर

Patna News: पटना जिले के दानापुर विधानसभा क्षेत्र के दियारा इलाके में रविवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव में इंदिरा आवास योजना के तहत बने पुराने मकान की छत अचानक गिर गई।

Patna News

10-Nov-2025 08:01 AM

By First Bihar

Patna News: पटना जिले के दानापुर विधानसभा क्षेत्र के दियारा इलाके में रविवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव में इंदिरा आवास योजना के तहत बने पुराने मकान की छत अचानक गिर गई, जिससे एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में गृहस्वामी बबलू खान (32), उनकी पत्नी रौशन खातून (30), बेटा मो. चांद (10), बेटी रूकशार (12) और सबसे छोटी बेटी चांदनी (2) शामिल हैं।


घटना के वक्त पूरा परिवार सो रहा था। बताया गया है कि भोजन करने के बाद सभी सो रहे थे, तभी मकान की छत भरभरा कर गिर गई। छत गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और देखा कि मकान पूरी तरह धराशायी हो चुका था। पंचायत के मुखिया वकील राय ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद मलबे से परिवार के पांचों शव बाहर निकाले गए। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और कोहराम मच गया।


ग्रामीणों ने बताया कि यह मकान इंदिरा आवास योजना के तहत कुछ वर्ष पहले बना था, लेकिन दीवारों और छत में पहले से दरारें थीं। परिवार का एकमात्र कमाने वाला बबलू खान था और आर्थिक तंगी की वजह से मकान की मरम्मत नहीं करवा पाया। इसी कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।


थानाध्यक्ष ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। पूर्व प्रधान सीपी सिंह ने भी कहा कि दियारा क्षेत्र में कई पुराने मकान जर्जर स्थिति में हैं और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।


इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुराने मकानों का निरीक्षण और मजबूतीकरण करना जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि वह सख्त नियमों और समय पर मुआवजा वितरण के माध्यम से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाए। इस दुखद हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आवास योजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव पर ध्यान न दिया गया तो त्रासदी अंजाम दे सकती है।