Bihar News: बिहार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार नए बालू घाटों की पहचान कर उन्हें नीलामी के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों को ऐसे संभावित स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां पर्याप्त मात्रा में बालू उपलब्ध है, लेकिन अब तक इन घाटों की नीलामी नहीं हुई है।
हर जिले में तैयार होगी संभावित घाटों की सूची
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले प्रत्येक जिले में संभावित बालू घाटों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद अधिकारियों की टीम संबंधित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान बालू की उपलब्धता के साथ-साथ अन्य जरूरी पहलुओं का भी आकलन किया जाएगा।
स्थलीय निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर संबंधित जिले की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) में आवश्यक बदलाव किया जाएगा। निरीक्षण में उपयुक्त पाए जाने वाले नए संभावित बालू घाटों को DSR में शामिल किया जाएगा।
नीलामी के बाद बढ़ेगी बालू की आपूर्ति
DSR में शामिल किए जाने के बाद इन नए घाटों को नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया में लाया जा सकेगा। विभाग का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया से राज्य में बालू घाटों की संख्या में करीब 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
नए घाटों को नीलामी के दायरे में लाने से राज्य में बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति को बेहतर करना और मांग के अनुरूप इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
कीमतों पर भी पड़ सकता है असर
बालू की उपलब्धता बढ़ने से बाजार में इसकी आपूर्ति बेहतर हो सकती है। इससे उचित कीमत पर बालू मिलने की संभावना बढ़ सकती है और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, नए बालू घाटों की नीलामी से राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने की भी उम्मीद है।
स्थलीय निरीक्षण के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों को संभावित स्थलों की पहचान का काम शुरू करने को कहा है। स्थलीय निरीक्षण और DSR में संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य में कितने नए बालू घाट नीलामी के लिए उपलब्ध हो पाएंगे।