Bihar Bhumi: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी (सर्वे) को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है। 


नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। इससे आम लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से निपटेगा। वहीं, विवादित जमीनों की मापी के लिए भी समय सीमा तय की गई है। ऐसे मामलों में मापी का कार्य 11 दिनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके। 


मापी पूरी होने के बाद रिपोर्ट को 14 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे और लोग जरूरत पड़ने पर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।


अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया सरल हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, विवाद कम होंगे और नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलेंगी। इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।