ब्रेकिंग न्यूज़

NEET student case : 'नीट मामले में बोलने पर पुलिस अधिकारियों का आता है फोन', RJD MLA भाई वीरेंद्र का सनसनीखेज खुलासा, बताया किसको बचा रही सरकार Bihar Budget Session 2026-27 : बिहार विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू, आज तेजस्वी यादव भी राज्यपाल के अभिभाषण पर रखेंगे अपनी बात Aadhaar Deactivated : 3 करोड़ लोगों का आधार कार्ड हुआ ब्लॉक, ऐसे करें चेक; कहीं लिस्ट में आपका नाम भी तो नहीं है शामिल PAN Card update : शादी के बाद PAN कार्ड में चेंज करवाना है खुद का नाम, तो जानिए क्या है सबसे आसान तरीका; बस करना होगा यह छोटा सा काम Bihar latest crime news : बिहार का अनोखा केस ! एक साथ गांव के सभी सवर्णों पर SC-ST एक्ट के तहत FIR दर्ज; पढ़िए क्या है पूरी खबर Nitish Kumar convoy : अब प्रधानमंत्री की तरह नीतीश कुमार भी करेंगे बुलेटप्रूफ रेंज रोवर की सवारी, जानें गाड़ी की हाईटेक सुरक्षा और लग्जरी खासियत Bihar Bhumi: जमीन विवाद खत्म करने की तैयारी, तय समय सीमा में पूरा होगा विशेष सर्वेक्षण Aadhaar update rules : UIDAI ने बदले नियम, अब नाम, पता और जन्मतिथि अपडेट के लिए जरूरी दस्तावेजों की नई सूची जारी Bihar railway news : बिहार के इस जंक्शन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, पटना आने - जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 21 तारीख तक रद्द, कई रेलगाड़ी का रूट बदला,जानें.... Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य

राज्यपाल के तीखे तेवर से नवनियुक्त प्राचार्यों ने यू टर्न मारा: हाईकोर्ट से याचिका वापस लेंगे, 116 सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल की नियुक्ति का रास्ता साफ

बिहार के 116 सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. राज्यपाल के कड़े रुख के बाद नवनियुक्त प्राचार्यों ने पटना हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने का फैसला किया है.

bihar

14-Jun-2025 06:40 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार के 116 अंगीभूत यानि सरकारी कॉलेजों में प्राचार्यों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है. इस मामले में राज्यपाल और नवनियुक्त प्राचार्यों के बीच कानूनी लड़ाई छिड़ी थी. लेकिन महामहिम के तल्ख तेवर देख कर कोर्ट का रास्ता अख्तियार करने वालों ने यू-टर्न मार लिया है. उन्होंने हाईकोर्ट में दायर याचिका को ही वापस लेने का फैसला लिया है.


बता दें कि बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने 116 प्राचार्यों की नियुक्ति की थी. उन्हें अलग-अलग यूनिवर्सिटी में भेजा गया था. पहले ये तय था कि यूनिवर्सिटी के वीसी नवनियुक्त प्राचार्यों की कॉलेजों में तैनाती करेंगे. लेकिन इसी बीच 16 मई को कुलाधिपति यानि राज्यपाल ने प्रिंसिपल की पोस्टिंग के लिए नयी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था. राज्यपाल ने आदेश दिया था कि लॉटरी सिस्टम के जरिये प्राचार्यों की पोस्टिंग की जाये. 


राज्यपाल के इस आदेश के बाद कई नवनियुक्त प्राचार्यों की सेटिंग गड़बड़ा गयी थी. लिहाजा तीन प्रिंसिपल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी. पटना हाई कोर्ट ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की ओर से चयनित प्राचार्यों की लॉटरी से कॉलेजों में तैनाती के कुलाधिपति सचिवालय के 16 मई के आदेश पर रोक लगा दिया था और अगली सुनवाई जुलाई में करने का फैसला लिया था. हाईकोर्ट ने कुलाधिपति से लिखित जवाब भी मांगा था. 


राज्यपाल के कड़े तेवर देखकर मारा यू-टर्न

कुलाधिपति कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक नवनियुक्त प्राचार्यों ने भले ही हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था. लेकिन राज्यपाल अपने फैसले से पीछे हटने के मूड में नहीं थे. राज्यपाल की ओर से ये क्लीयर कर दिया गया था कि प्रिंसिपल की पोस्टिंग में कोई सेटिंग नहीं चलेगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी. राज्यपाल के कड़े तेवर देख नवनियुक्त प्राचार्यों ने यू-टर्न मारा है. 


सुहेली मेहता ने याचिका वापस लेने का पत्र लिखा

राज्यपाल के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली नवनियुक्त प्राचार्य और बीजेपी नेत्री सुहेली मेहता ने पत्र लिख कर याचिका वापस लेने के फैसले की जानकारी दी है. सुहेली मेहता ने बताया है कि हाईकोर्ट में दायर याचिका C.W.J.C No.-8530/2025 सुहेली मेहता एवं अन्य बनाम राज्य सरकार के याचिकाकर्ताओं (1) सुहेली मेहता (2) श्री श्याम किशोर एवं (3) श्री भूपन कुमार ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है. 


याचिका दायक करने वालों की ओर से फैसला लिया गया है कि याचिका C.W.J.C No.-8530/2025 को ग्रीष्मावकाश के बाद पटना उच्च न्यायालय के नियमित कार्यदिवस प्रारंभ होते ही वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. ये फैसला इस लिए लिया गया है ताकि राज्य के अंगीभूत महाविद्यालयों में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अनुशंसा से चयनित प्राचार्य की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्रातिशीघ्र प्रारंभ हो सके.