Bihar News: बिहार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में खान एवं भूतत्व विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। अगले महीने राज्य के करीब 161 नए बालू घाटों से खनन शुरू होने की संभावना है। इनमें पीला बालू के 107 और उजला बालू के 54 घाट शामिल हैं। इन सभी घाटों की बंदोबस्ती पूरी हो चुकी है।
मुख्य रूप से भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, गया और जमुई जिले के घाटों से खनन शुरू होगा। इससे राज्य में बालू की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है और निर्माण कार्यों के लिए लोगों को उचित कीमत पर बालू उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य में फिलहाल नदियों से बालू खनन पर रोक है। पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक वर्ष 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू खनन बंद रहता है। रोक की अवधि समाप्त होने के बाद खनन दोबारा शुरू होगा और इस बार नए बंदोबस्त किए गए घाटों से भी बालू निकाला जा सकेगा।
नए घाटों से खनन शुरू होने के बाद राज्य में पीला बालू के करीब 311 घाटों से आपूर्ति होने लगेगी। वहीं, उजला बालू के करीब 89 घाट भी चालू हो जाएंगे। वर्तमान में राज्य में पीला बालू के करीब 204 और उजला बालू के करीब 35 घाटों से खनन हो रहा है।
विभाग के अनुसार, राज्य में पीले बालू के कुल 466 घाट चिह्नित किए गए हैं। इनमें से कई घाटों की बंदोबस्ती हो चुकी है, जबकि अन्य घाटों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसी तरह उजला बालू के 541 घाट चिह्नित हैं, जिनमें करीब 452 घाटों की अभी नीलामी नहीं हुई है।
खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अनीलामित घाटों की नीलामी कराने का निर्देश दिया है। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक घाटों की बंदोबस्ती कर बालू की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि निर्माण गतिविधियों को गति मिल सके और उपभोक्ताओं को बालू की आपूर्ति सुचारु रूप से हो सके।