Bihar News: बिहार में स्वास्थ्य विभाग और सरकार की ओर से लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है. हालात ऐसे हैं कि कई सरकारी अस्पतालों में समय पर ऑक्सीजन, दवाइयों और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव का आरोप लगता रहा है. इसी बीच पूर्वी चंपारण जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है.
मामला पूर्वी चंपारण जिले के पताही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहां समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के आरोप के बीच एक मरीज की मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने में जुट गई.
बताया जा रहा है कि राकेश कुमार अपने परिजन बैजू राउत को सांस लेने में तकलीफ होने पर इलाज के लिए पताही सीएचसी लेकर पहुंचे थे. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के ऑक्सीजन रूम में ताला लगा हुआ था और समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे मरीज की मौत हो गई. उनका यह भी कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद थे, लेकिन आवश्यक उपचार और ऑक्सीजन समय पर नहीं मिल सका.
घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं.