Bihar Crime News: बिहार के मधुबनी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया. बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव में कोर्ट के आदेश पर जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने ही एक बुजुर्ग ने विरोध जताते हुए खुद को आग के हवाले कर दिया. घटना के बाद मौके पर मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई और प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया.
बताया जा रहा है कि अधवारी गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था. कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक टीम दखल-दिहानी की कार्रवाई के लिए गांव पहुंची थी. इसी दौरान एक पक्ष के बुजुर्ग राजेंद्र ठाकुर ने विरोध करते हुए खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली.
बुजुर्ग को आग की चपेट में देख मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। देखते ही देखते वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ आक्रोशित हो उठी. लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को घेर लिया. स्थिति बिगड़ती देख अंचलाधिकारी अभिषेक आनंद और अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह किसी तरह वहां से निकल गए.
हालांकि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के लिए पहुंचे कमिश्नर रत्नाकर झा भीड़ के बीच फंस गए. आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने उन्हें बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की. करीब आधे घंटे तक उन्हें पीटा गया. बाद में किसी तरह उन्हें भीड़ के चंगुल से छुड़ाया गया.
जमीन विवाद की जड़ काफी पुरानी बताई जा रही है. राजेंद्र ठाकुर पक्ष का कहना है कि इस जमीन को लेकर पहले भी कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आया था. वहीं दूसरे पक्ष महेंद्र यादव के पक्ष में हाल ही में कोर्ट का आदेश आया था, जिसके आधार पर प्रशासन कब्जा दिलाने पहुंचा था.
घटना में झुलसे राजेंद्र ठाकुर को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पहले उन्हें स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. डीएसपी अमित कुमार, एसडीओ शारंग पानी पांडेय और पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे. गांव में तनाव को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया है.