Bihar News: मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जलस्रोतों पर अतिक्रमण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। केंद्रीय पुस्तकालय के पीछे स्थित करीब 3 बीघा 18 धुर 7 कट्ठा सरकारी पोखर की जमीन खरीदने वाले 47 लोगों के खिलाफ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं। आरोप है कि शहर के कई भूमाफिया अब भी सरकारी पोखरों और नदी की जमीन पर कब्जे की कोशिश में जुटे हुए हैं।
ताजा मामला नगर थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास का है। यहां रोड के पश्चिम, मौजा चकदह में कीर्तन भवन रोड निवासी मानस यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र यादव के घर के पीछे स्थित खेसरा संख्या-571 की करीब 1 बीघा 14 कट्ठा सरकारी नदी की जमीन को रात के अंधेरे में मिट्टी डालकर भरा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात दर्जनों असामाजिक तत्व और कथित भूमाफिया कई ट्रैक्टरों के जरिए अलग-अलग रास्तों से मिट्टी लाकर नदी की भराई कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मामले पर जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि संबंधित पोखर और नदी की जमीन की मापी कराने के लिए रहिका अंचल को निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सरकारी जलस्रोत पर अतिक्रमण किया है या भराई का कार्य किया है, उनके खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
वहीं, रात के समय खुलेआम हो रही इस भराई को लेकर नगर थाना और ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस रात में आम लोगों से पूछताछ कर सकती है, तो अवैध रूप से मिट्टी ढो रहे ट्रैक्टरों को रोककर जब्त क्यों नहीं किया जा रहा। अब निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।