KHAGARIA:बिहार में आए दिन घूसखोर पकड़े जाते हैं, इसके बावजूद लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इनकों देखकर ऐसा लगता है मानो दिल में डर खत्म हो गया है। तभी तो बेखौफ होकर रिश्वत लेने का काम करते हैं और निगरानी के हत्थे चढ़ जाते हैं। इस बार खगड़िया में एक घूसखोर विजिलेंस के हत्थे चढ़ा है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड से मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) और एक लेखापाल को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। अलौली प्रखंड के मनरेगा PO और लेखपाल को निगरानी की टीम ने घूस लेते गिरफ्तार किया है। इन दोनों को 45 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ दबोचा गया है।
दोनों की पहचान मनरेगा PO रमन जी भाई और लेखापाल शाहिद अकरम के रूप में हुई है। वेंडर को पेमेंट कराने के नाम पर PO ने रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया और जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को घूस लेते हुए पकड़ लिया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने दोनों घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
दोनों को अलौली प्रखंड कार्यालय से 45 हजार कैश लेते दबोचा गया है। चौथम प्रखंड PO के प्रभार में भी रमण जी भाई हैं। फिलहाल निगरानी की टीम दोनों को अपने साथ पूछताछ के लिए ले गयी है। जानकारी के अनुसार, रमण जी भाई के पास चौथम प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) का भी अतिरिक्त प्रभार है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खगड़िया से अनिश की रिपोर्ट