KATIHAR: कटिहार जिले के बरारी प्रखंड में बुधवार को जिला प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित आशा नर्सिंग होम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। इस दौरान करीब तीन घंटे तक अस्पताल की गहन जांच की गई।


छापेमारी में चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुशर्रफ हुसैन, डॉ. यू. के. सिन्हा, अंचलाधिकारी मनीष कुमार, बरारी थाना के पु अ नि अमित कुमार और प्र पु अ नि अमन कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही प्रशासनिक टीम अस्पताल पहुंची, वहां मौजूद अधिकांश लोग मौके से फरार हो गए।


जांच के दौरान एक कमरे में टिंकल कुमारी अपने परिजनों के साथ मिलीं। परिजनों ने बताया कि 1 अगस्त को इसी नर्सिंग होम में उनका ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया था, जिसमें उन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब अस्पताल के कई कमरे अंदर से बंद मिले। काफी मशक्कत के बाद दरवाजे खोले गए तो दो युवक बाथरूम में छिपे मिले। पूछताछ में दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।


वहीं अस्पताल का संचालक मो. सरफराज मौके से फरार मिला। प्रशासन यह भी पता नहीं लगा सका कि यहां ऑपरेशन किस चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुशर्रफ हुसैन ने बताया कि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरारी प्रखंड में संचालित सभी नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच होगी। जो भी संस्थान अवैध रूप से संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासन ने आशा नर्सिंग होम को सील कर दिया और वहां भर्ती मरीज को एंबुलेंस के माध्यम से बेहतर इलाज के लिए कटिहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इस नर्सिंग होम का संचालन किन लोगों की मिलीभगत से किया जा रहा था।

कटिहार से धीरज चौधरी की रिपोर्ट