JAMUI: बिहार में 10 साल से शराबबंदी लागू है। इस कानून की आड़ में कुछ पुलिसवाले गाढ़ी कमाई कर रहे हैं। पुलिस कर्मियों के अवैध वसूली के एक बड़े खेल का खुलासा जमुई में किया गया। इस मामले में उत्पाद विभाग के दो सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और दो होमगार्ड जवान को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले ने कानून व्यवस्था और शराबबंदी की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल की देर शाम पिंटू कुमार नामक व्यक्ति ने जमुई थाना में एक लिखित आवेदन देकर अपने बड़े भाई संतोष कुमार के अपहरण और फिरौती की मांग की सूचना दी। इस आधार पर थाना में कांड संख्या 193/2026 दर्ज किया गया। आवेदन में बताया गया कि संतोष कुमार दोपहर करीब 1 बजे अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
शाम करीब 7:30 बजे संतोष कुमार ने अपने मोबाइल से फोन कर बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और उन्हें छोड़ने के लिए ₹5 लाख की फिरौती मांगी जा रही है। इस सूचना के बाद घबराए परिजनों ने तुरंत पहल करते हुए ₹2 लाख की व्यवस्था की और नवादा की ओर रवाना हुए।
पीड़ित के परिजनों के अनुसार, नवादा पहुंचने पर पकरीबरावाँ उत्पाद थाना में उनसे संपर्क किया गया, जहां क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में ₹1.5 लाख की मांग की गई। मजबूरी में परिजनों ने उक्त राशि दे दी। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे मामले में पकरीबरावाँ उत्पाद थाना के दो ASI सुजीत कुमार, ASI दिलीप कुमार, और दो गृह रक्षक रविंद्र कुमार,गृह रक्षक गुलशन कुमार शामिल थे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही फिरौती के रूप में वसूले गए ₹1.5 लाख को एएसआई दिलीप कुमार के घर से बरामद कर लिया गया। अपहृत संतोष कुमार को सुरक्षित बरामद करते हुए उनकी क्रेटा कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि शराबबंदी कानून की आड़ में कुछ अधिकारी अवैध वसूली का खेल खेल रहे हैं। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अब देखना यह है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल पाए जाते हैं तथा प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
जमुई से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट