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04-Oct-2025 01:59 PM
By First Bihar
Bihar News: नवरात्रि के समापन के साथ ही बिहार से एक चौंकाने वाला मामला समने आया है, जहां नवरात्रि का पर्व समाप्त होते ही मछली बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं, रिकॉर्ड तोड़ नॉनवेज खाने की खबर भी सामने आ रही है। दरअसल, बिहार के गोपालगंज जिले में नवरात्रि का पर्व समाप्त होते ही मछली बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली। नौ दिनों तक उपवास और धार्मिक प्रतिबंधों के कारण मांसाहार पर रोक रहती है, लेकिन जैसे ही नवरात्रि खत्म हुई, मांसाहार के शौकीनों ने मछली बाजार का रुख किया। अचानक बढ़ी मांग ने बाजार को गुलजार कर दिया है, हालांकि मछली की कीमतें भी अब तेजी से बढ़ गई हैं।
नवरात्रि के दौरान अधिकतर लोग मांसाहार से परहेज करते हैं, जिसके कारण मछली की बिक्री लगभग बंद हो जाती है। इस अवधि में व्यापारी सीमित स्टॉक रखते हैं ताकि नुकसान से बचा जा सके। लेकिन नवरात्रि खत्म होते ही स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। गोपालगंज के प्रमुख मछली बाजारों और मंडियों में सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
नवरात्रि से पहले जो मछली 200 से 250 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वही अब 400 से 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खासकर रोहू और कतला जैसी लोकप्रिय मछलियों की कीमतों में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। खुदरा के साथ-साथ थोक बाजारों में भी दाम बढ़ने से इसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है।
रोहू मछली: पहले 200–250 रुपये, अब 300–350 रुपये प्रति किलो
कतला मछली: अब 400–450 रुपये प्रति किलो
झींगा/टेंगड़ा/पटेंया: 1000–1500 रुपये प्रति किलो
छोटी मछलियां: 200–250 रुपये प्रति किलो से कम नहीं
मछली विक्रेताओं का कहना है कि वे नवरात्रि के बाद इस भीड़ का बेसब्री से इंतजार करते हैं। एक स्थानीय विक्रेता ने बताया कि नवरात्रि में कारोबार पूरी तरह ठप रहता है, लेकिन अब मांग इतनी बढ़ गई है कि उन्हें बाहर से भी मछली मंगवानी पड़ रही है। इस वजह से कीमतों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है, लेकिन अच्छी बिक्री देखकर उनके चेहरे खिल उठे हैं। मछली विक्रेता ने बताया कि नवरात्रि में धंधा मंदा रहता है लेकिन अब जबरदस्त बिक्री हो रही है। बाहर से भी मछली मंगवानी पड़ रही है, इसलिए कीमतों में थोड़ा इजाफा हुआ है।
ग्राहक मानते हैं कि नवरात्रि के बाद मांसाहार की शुरुआत मछली से करना परंपरा का हिस्सा है। एक ग्राहक ने कहा कि भले ही कीमतें बढ़ गई हों, लेकिन त्योहार के बाद मछली खाने का आनंद अलग ही होता है। यही वजह है कि बढ़े दाम के बावजूद लोग बड़ी मात्रा में मछली खरीद रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, गोपालगंज में नवरात्रि खत्म होने के बाद अब तक करीब 25 क्विंटल (60 लाख रुपये से अधिक कीमत की) मछली की खपत हो चुकी है। मछली कारोबारी रवि कुमार का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण आपूर्ति कम पड़ रही है, जिसकी वजह से दाम और चढ़ गए हैं।मछली कारोबारी का कहना है कि जिले के बाजार में नवरात्रि के बाद अभी तक करीब 60 लाख के 25 क्विंटल मछली की खपत हुई है। मांग में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आपूर्ति कम हो रही है, जिससे कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
नवरात्रि समाप्त होते ही गोपालगंज का मछली बाजार फिर से गुलजार हो उठा है। व्यापारियों का कहना है कि मांग में यह उछाल उनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। हालांकि, ग्राहकों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, लेकिन परंपरा और स्वाद के आगे कीमतों की परवाह कम हो जाती है।