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08-Apr-2026 10:59 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मदनपुर थाना क्षेत्र के उमगा टोले बरछीवीर गांव में तालाब में डूबने से दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृत बच्चों की पहचान नालंदा जिले के रहने वाले विक्की सिंह की पांच वर्षीय बेटी वैष्णवी कुमारी और तीन वर्षीय बेटे रंजन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे अपने घर के पास स्थित एक तालाब के किनारे खेल रहे थे। खेलते-खेलते अचानक एक बच्चे का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने की कोशिश में दूसरा बच्चा भी तालाब में गिर पड़ा। देखते ही देखते दोनों मासूम पानी में डूब गए।
घटना के वक्त आसपास कोई बड़ा मौजूद नहीं था, जिसके कारण बच्चों को समय पर बचाया नहीं जा सका। जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने बताया कि बच्चों को तालाब के किनारे खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों को आशंका हुई कि कहीं बच्चे तालाब में तो नहीं गिर गए।
आशंका के आधार पर ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर दौड़े और पानी में उतरकर बच्चों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद एक-एक कर दोनों बच्चों के शव तालाब से बाहर निकाले गए। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। बच्चों की मां पलक देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। बताया जाता है कि यह परिवार गांव में ही ससुराल में रहकर गोलगप्पे की छोटी-सी दुकान चलाता था और किसी तरह अपना गुजारा करता था। इस हादसे ने उनकी जिंदगी में अंधेरा ला दिया है।
घटना के बाद गांव के लोगों में भी भारी आक्रोश और दुख देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के तालाबों के आसपास किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, जिससे इस तरह की घटनाएं बार-बार होती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाबों के चारों ओर घेराबंदी की जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा के उपाय कितने जरूरी हैं। अगर समय रहते सतर्कता बरती जाए और आवश्यक इंतजाम किए जाएं, तो कई मासूम जिंदगियों को बचाया जा सकता है।