Bihar News: बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के अंग्रेजी ढाला स्थित एनएच-31 पर दो स्कॉर्पियो के बीच 29 जून की रात हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय रूपेश कुमार ने करीब 13 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और पूरे मोहल्ले में एक बार फिर मातम छा गया।


मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के पोखरिया वार्ड संख्या-37 निवासी मुकेश साह के इकलौते पुत्र रूपेश कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद से वह एक निजी अस्पताल में भर्ती था, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन अंततः उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। रूपेश की मौत की सूचना मिलते ही लाखो थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।


गौरतलब है कि 29 जून की रात अंग्रेजी ढाला स्थित एनएच-31 पर गंगा स्नान के लिए जा रही युवकों से भरी एक स्कॉर्पियो और बारात लेकर जा रही दूसरी स्कॉर्पियो के बीच आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई थी। हादसा इतना भयावह था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बारात वाली स्कॉर्पियो के चालक राजा कुमार ने पटना ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया था। अब रूपेश कुमार की मौत के साथ इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।


इस संबंध में सुजीत कुमार ने बताया कि रूपेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए फोटोग्राफी, डीजे ऑपरेटर, पेंटिंग, ड्राइविंग समेत जो भी काम मिलता था, उसे पूरी मेहनत और ईमानदारी से करता था। उसकी असमय मौत ने परिवार का सहारा छीन लिया है। बेटे को खोने के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।


इलाज के दौरान रूपेश को बचाने के लिए परिजनों और रिश्तेदारों ने हरसंभव प्रयास किया। आर्थिक तंगी के बावजूद रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग देकर मदद का हाथ बढ़ाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद रूपेश जिंदगी की जंग नहीं जीत सका।


इस हृदयविदारक हादसे ने पांच परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं। कई दिनों बाद एक और घायल की मौत की खबर ने हादसे की दर्दनाक यादें फिर ताजा कर दी हैं। वहीं, इस दुर्घटना में घायल अन्य लोगों का इलाज अब भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है।